उत्तर पूर्वी जिले में युवा मोर्चा द्वारा आयोजित बजट पर चर्चा रखी गई

रिपोर्ट :- मोहित

नई दिल्ली :-उत्तर पूर्वी जिले में युवा मोर्चा द्वारा आयोजित बजट पर चर्चा रखी गई जिसकी अध्यक्षता युवा मोर्चा अध्यक्ष गौरव डेढा द्वारा आयोजित की गई इस बजट की विशेष चर्चा में जिला अध्यक्ष मोहन गोयल विधायक व विधानसभा में मुख्य सचेतक प्रतिपक्ष अजय महावर ने अपने विचारों को साझा किया। अजय महावर ने बोलते हुए कहा कि दिल्ली सरकार का यह बजट झूठा बजट है क्योंकि पहले इन्होंने स्वराज और लोकपाल को लेकर बजट दिया था फिर पर्यावरण पर और अब देशभक्ति के नाम पर बजट दिया परंतु कभी भी उस बजट को सकारात्मकता से जनता के हितों में परिवर्तित नही कर पाए।

दिल्ली सरकार का बजट 10 गुना बढ़ गया परंतु एम सी डी का बजट इन्होंने 14% गुना घटा दिया है। दिल्ली सरकार ऐसा सौतेला व्यवहार कर रही है। डीटीसी में बड़ा घोटाला किया गया जितने की बसे नही खरीदी गई। 1000 बसे 875 करोड़ की खरीदी गई परंतु उसके रख रखाव के लिए साढ़े 3 हज़ार करोड़ रखा गया है। जिसका 10% एडवांस दिल्ली सरकार दे चुकी है। सच तो ये है कि कोई भी नया वाहन खरीदो तो 3 साल की तो कंपनी से हो गारेंटी आती है। इसलिए इस बजट में बहुत बड़ा झोल नजर आ रहा है। दिल्ली सरकार का पर्यावरण बजट भी एक छलावा है दिल्ली विश्व के सबसे दूषित शहरों में से एक शहर है और यह बात w.h.o. ने पुष्टि करते हुए कहा है। स्वास्थ्य के नाम पर व शिक्षा के नाम पर दिल्ली की जनता के साथ धोखा किया है। स्कूल के एक कमरे की कीमत दिल्ली सरकार के कागजों में 25 लाख से अधिक दिखाई गई है परंतु एक कमरा तीन से चार लाख में बंद कर तैयार होता है।

दिल्ली की यातायात सेवा चरमरा चुकी है और दिल्ली सरकार सीधा ओला और उबर जैसी कंपनियों को फायदा पहुंचा रही है। पर्यावरण को लाया गया। बजट 2018-21 पूरी तरह से फेल हुआ , 6700 बसें दिल्ली में हैं जिसमे से 3681 बसें ही सिर्फ चलती हैं, स्वच्छ पानी का वादा फेल हुआ, दिल्ली के संसाधनों का नुकसान हुआ और दुरुपयोग हुआ, दिल्ली में जो अरविंद केजरीवाल ने वादे किए थे नए स्कूल के वो फेल हुआ, पेंशन धारियों को समय पर पेंशन नहीं मिल रही है, जिन लोगों को पेंशन की जरूरत है वो बहुत बड़ा तबका पेंशन से दूर है उनकी कोई सुनवाई नहीं है, जनता की गाढ़ी कमाई के द्वारा टैक्स जो दिया जाता है।

उस टैक्स का सरकार अपने प्रचार- प्रसार में दुरुपयोग कर रही है, जन लोकपाल बिल का कोई अता – पता नहीं , कोरॉना वैक्सीन के लिए सिर्फ दस लाख लोगों के लिए बजट में पैसा पास हुआ, उसके विपरीत केंद्र सरकार ने दिल्ली के चालीस लाख लोगों के लिए मुफ्त में वैक्सीन लगवाने के लिए व्यवस्था की है । मोहन गोयल ने कहा की दिल्ली सरकार ने विज्ञापनों में 200 करोड़ से ज्यादा रुपया बर्बाद किया है। पराली के नाम पर दिल्ली की जनता को मूर्ख बनाया है पराली की दवाई की कीमत ₹40000 है। और उसको बांटने के लिए दिल्ली सरकार ने 2400000 रुपए उसको बांटने में और 7 करोड रुपए उसके प्रचार में खर्च कर दिए। मीडिया प्रवक्ता दीपक चौहान उपस्थित रहे।

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