कलेक्टर से नाराज 80 साल की महिला ने 3 दिन तक बैठी रही अनशन पर, अफसरों ने कहा- अम्मा तुरंत होगा काम

लौंग दास महंत की खबर

 

 कलेक्टर से नाराज 80 साल की महिला ने 3 दिन तक बैठी रही अनशन पर, अफसरों ने कहा- अम्मा तुरंत होगा काम

 

छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार के सुहेला गांव में महिला ने अपनी मांग को पूरा करने के लिए तीन दिन तक अनशन में बैठी रही।

बलौदाबाजार/सुहेला. जिला प्रशासन के काम-काज और अफसरों की लापरवाही से नाराज 80 साल की बुजुर्ग महिला ने जंग छेड़ दी है। छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार के सुहेला गांव में महिला ने अपनी मांग को पूरा करने के लिए तीन दिन तक अनशन में बैठी रही।

इसके बाद हरकत में आए अफसरों ने महिला के पास पहुंच कर अनशन खत्म करने को कहा। हालांकि समझाइश के बाद महिला ने भूख हड़ताल तोड़ दी है। इस घटना के बाद से अब गांव के अन्य लोग भी महिला के आंदोलन में खड़े हो गए। इधर महिला ने कहा है 2 अक्टूबर तक काम पूरा नहीं हुआ तो फिर से अनशन में बैठ जाएगी।

अफसरों ने कहा- अम्मा तुरंत होगा आपका काम

दरअसल बुजुर्ग महिला सीमा बाई प्रधानमंत्री आवास से नाम कट जाने को लेकर कई दिनों से परेशान थी। कलेक्टर से लेकर निचले अधिकारियों तक अपनी पीड़ा सुना चुकी थी। बावजूद किसी ने भी मामले को नहीं सुलझाया। थक हार कर भूख हड़ताल पर बैठ गई।

वह तीन दिनों से भूख हड़ताल पर बैठी रही। इसके बाद हरकत में आए कलेक्टर राजेश सिंह राणा के निर्देश पर सिमगा सीईओ रविकुमार, पंचायत इंस्पेक्टर शेेखर, एसीईओ एसएन तिवारी, नायब तहसीलदार एनके जनबंधु ने शाम 7 बजे मौके पर पहुंचे। यहां जिपं सदस्य सीमा वर्मा, पूर्व सरपंच सुरेन्द्र सिंह ठाकुर, अरुण कुमार शर्मा, सरपंच प्रतिनिधि संतोष नायक की उपस्थिति में हफ्तेभर का वक्त मांगा और बुजुर्ग महिला का अनशन खत्म करवाया।

सीमा वर्मा ने वृद्धा को समझाया कि 2 अक्टूबर तक समस्या का हल नहीं होने पर मैं भी तुम्हारे साथ अनशन पर बैठूंगी । इसके बाद दूध पिलाकर अनशन तोड़वाया गया। सभी लोग महिला को पहुंचाने उसके घर गए। इस अवसर पर पंच भानु प्रताप, सोहनलाल साहू, सचिव रमेश बंजारे, खिलेन्द्र साहू, जगदीश पाल, वृध्दा की बेटी, दामाद रामहीन, हेमलाल धृतलहरे, रेवाराम साहू आदि उपस्थित थे।

एसडीएम ने की अनदेखी

सिमगा के एसडीएम मनोज केसरिया भी सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र जीवनदीप समिति की बैठक में हिस्सा लेने सुहेला पहुंचे थे। लेकिन बिना पीडि़ता से मिले लौट गए। फोन पर उन्होंने कहा कि मामले को नायब तहसीलदार देख रहे हैं। पीडि़ता के पक्ष में आवास सूची के लिए नया प्रस्ताव किया जा चुका है। अब वह जिद छोड़े और अनशन तोड़े।

इधर, वृद्धा का कहना है कि आवास की पहली किस्त मिलने तक वह अनशन नहीं तोडग़ी। महिला की सुरक्षा के लिए सुहेला थाना प्रभारी द्वारा रात में दो आरक्षकों की ड्यूटी लगाई गई थी । नायब तहसीलदार सुहेला नीलकंठ जनबंधु ने अस्पताल प्रशासन को अनशनरत महिला की लगातार स्वास्थ्य जांच के लिए निर्देश दिया है ।

ग्राम सभा के प्रस्ताव से महिला का नाम काटा गया था। अनशन पूर्व हुई विशेष ग्रामसभा मेें पुन: नाम जोडऩे का प्रस्ताव किया गया है जिसे शासन को भेजा गया है।

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