हाथरस पीड़िता को लेकर दो रिपोर्ट मेडिकल सामने आई

रिपोर्ट :- प्रियंका झा

नई दिल्ली:- हाथरस पीड़िता को लेकर दो रिपोर्ट मेडिकल सामने आई।

निष्कर्ष में पाया गया कि पीड़िता का दुपट्टे से गला दबाया गया था पीड़िता के बयान के आधार पर चार संदिग्धों को आरोपी बनाया गया है एमएलसी रिपोर्ट के मुताबिक ‘पीड़िता का मुंह बंद कराया गया’ और उसे हत्या के इरादे से किए गए हमले का सामना करना पड़ा।

हाथरस की पीड़िता ने जख्मी हालत में एक वीडियो में बयान दिया था कि उसका यौन उत्पीड़न (सेक्सुअली असॉल्ट) किया गया, उसके आठ दिन बाद अलीगढ़ के अस्पताल की ओर से पीड़िता के मेडिको-लीगल निरीक्षण में प्राइवेट पार्ट में ‘कम्पलीट पेनिट्रेशन’, ‘गला दबाने’ और ‘मुंह बांधने’ का जिक्र था।

लेकिन इसी अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (AMU) के जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज (JNMC) ने अपनी फाइनल ओपिनियन (अंतिम राय) में, फॉरेंसिक विश्लेषण का हवाला देते हुए इंटरकोर्स (संभोग) की संभावना को खारिज कर दिया।

22 सितंबर की मेडिको लीगल केस (MLC) रिपोर्ट ने यूपी पुलिस के उन दावों का खंडन किया कि फॉरेंसिक जांच में रेप के कोई सबूत नहीं मिले उत्तर प्रदेश के एडीजी (कानून व्यवस्था) प्रशांत कुमार ने जोर देकर कहा था कि पीड़िता के सैम्पल्स पर शुक्राणु/वीर्य नहीं पाए गए।

JNMC के फॉरेन्सिक मेडिसिन डिपार्टमेंट की ओर से तैयारी एमएलसी के मुताबिक पीड़िता ने हमले के वक्त अपनी सुध खो दी थी।

रेप के आरोप पर भी अलग-अलग राय:-
इससे पहले, बीजेपी की आईटी सेल ने पीड़िता और उसकी मां के वीडियो का हवाला देकर केस में रेप के आरोपों को डाउनप्ले किया था

लेकिन पीड़िता के उसी बयान और उसके दो अन्य वीडियो को सावधानी के साथ सुना गया तो सामने आया कि पीड़िता की ओर से लगातार हमलावरों की ओर से यौन उत्पीड़न किए जाने की शिकायत की थी।

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