सांसद संजय सेठ हरदिया सेक्टर बी में संशोधन नागरिकत अधिनियम को नुक्कड़ नाटक के माध्यम से बताया -एनआरसी से भारतीय नागरिकों क़ो नहीं फर्क पड़ेगा : संजय सेठ

रिपोर्ट:-कुलजीत सिंह / राजेन्द्र कुमार ठाकुर

बिहार:-नवादा झारखंड राज्य के रांची के सांसद संजय सेठ मंगलवार को जिले के रजौली के हरदिया सेक्टर बी पहुंचे और नुक्कड़ के माध्यम से आयोजन किया सभा उपस्थित ग्रामीणों को सांसद ने नागरिकता संशोधन अधिनियम पर विस्तारपूर्वक जानकारी दिया।

सांसद ने कहा कि कॉन्ग्रेस नागरिकता संशोधन अधिनियम पर देश के अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों को गुमराह कर रही है उसे भड़काने का कार्य कर रही है सरकार ने नागरिकता संशोधन अधिनियम लागू किया है। एनआरसी पर कोई चर्चा किसी भी सरकार के द्वारा इसकी चर्चा नहीं की गई है इसके नागरिकता संशोधन अधिनियम और एलआरसी को जोड़कर देश में उपद्रव बताया जा रहा है जो बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। नागरिकता संशोधन अधिनियम की बात करें तो देश की आजादी के वक्त भारत पाकिस्तान का बंटवारा हुआ था इस बंटवारे में ढाई करोड़ से अधिक लोग का विस्थापन हुआ और लाखों से अधिक हिंदुओं की हत्या हुई। यह दुनिया का सबसे बड़ा विस्थापन और नरसंहार कहा जाता है।

इस घटना के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच नेहरू नियाकत समझौता हुआ था, जिसमें दोनों देशों ने अपने-अपने अल्पसंख्यकों को संरक्षण दिया गया था भारत में तो 1947 के बाद से इसका पालन किया गया समय-समय पर सरकारों आती-जाती रही परंतु इसका कोई असर अल्पसंख्यकों के जीवन पर नहीं पड़ा। विभिन्न सरकारों ने उनके लिए अलग अलग योजनाएं बनाई। उनके सामाजिक उत्थान के लिए, परिवारिक उत्थान के लिए शैक्षणिक उत्थान के लिए विभिन्न तरह की योजनाएं लाई गई। इसके विपरीत पाकिस्तान में और बांग्लादेश में हिंदुओं को प्रताड़ित किया गया। हिंदू ही नहीं जितने भी धार्मिक अल्पसंख्यक थे, उन सबको धर्म का नाम लेकर प्रताड़ित किया गया।

इस तरह से भारत ने तो नेहरू लायक समझौते का पालन किया परंतु पाकिस्तान में इस समझौते की धज्जियां उड़ा दी। बाद में इसी कड़ी में बांग्लादेश भी शामिल हो गया। ऐसे में जब इतनी बड़ी संख्या में पड़ोसी देश सिर्फ धर्म के आधार पर अपने नागरिकों को प्रताड़ित करते रहे। उनके हितों की चिंता नहीं कर सके तो भारत के लिए यह चिंता का विषय था। इस समय महात्मा गांधी ने किस की चिंता जताई थी।

महात्मा गांधी ने उस समय कहा था कि पाकिस्तान में रहने वाले हिंदू अल्पसंख्यक को पाकिस्तान में किसी भी तरह की दिक्कत होती है तो इस स्थिति में भारत ने उनकी चिंता करना चाहिए उन्हें नौकरी देना और उनके जीवन को सामान बनाना है या भारत सरकार का पहला कर्तव्य है।

यह बात गांधीजी ने 26 सितंबर 1947 को एक प्रार्थना सभा के दौरान कही थी। आजादी के इतने लंबे समय के बाद किसी भी सरकार ने अन्य धार्मिक रूप से प्रताड़ित अल्पसंख्यकों को चिंता नहीं की इस बीच पाकिस्तान और बांग्लादेश में गैर मुस्लिम मुसलमानों का शिकार बनाते रहे विशेष रूप से बेटियां वह ने दुष्कर्म की शिकार बने इसके साथ प्रताड़ना का ऐसा दौर भी आया जिसे देख और सुनकर हमारे हूं काम है समय-समय पर इस बात को उठाया गया।ऐसे में इन सब लोगों शरणार्थी बनकर के क्षेत्रों में रहने को मजबूर हुए जिन महात्मा गांधी को कांग्रेस आदर्श मानती है उन्हीं के सपनों और रचना की हत्या कांग्रेस ने बेरहमी से की इसलिए इस अधिनियम पर बोलने या विरोध करने का नैतिक हक कांग्रेस को है ही नहीं। सरकार की विकास कार्य लोग कांग्रेस और अन्य विरोधी दल पचा नहीं पा रहे हैं इसी को लेकर विरोध कर रहे हैं और लोगों को गुमराह कर देश में अराजकता का माहौल पैदा कर रहे हैं।

नुक्कड़ सभा का अध्यक्षता भाजपा के मंडल अध्यक्ष गौरव शांडिल ने किया मंच का संचालन भाजपा पूर्व जिला उपाध्यक्ष संजय कुमार अधिवक्ता ने किया कार्यक्रम के मौके पर भाजपा के जिला अध्यक्ष संजय कुमार मुन्ना, पूर्व विधायक कन्हैया कुमार, अर्जुन राम, पूर्व जिला महामंत्री विजय पांडे, शिव शंकर कुमार, भोला राजवंशी, पिंटू साव, मनु राजवंशी, सुबोध सिंह, नीरज कुमार, राजेश कुमार, कुंदन सिंह, रंजय कुमार, पूर्व मंडल अध्यक्ष रंजीत सिंह आदि दर्जनों कार्यकर्ता मौके पर उपस्थित रहे।

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