श्रीराम जन्मभूमि मंदिर निर्माण को अपनी आंखों से देखने तथा श्रीराम लला के दर्शन करने लगातार देश के अनेक राज्यों से लोग आ रहे हैं

रिपोर्ट :- नीरज अवस्थी

उत्तर प्रदेश :-अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि मंदिर निर्माण को अपनी आंखों से देखने तथा श्रीराम लला के दर्शन करने लगातार देश के अनेक राज्यों से श्री राम भक्त अधिक से अधिक संख्या मेंअयोध्या धाम नित्य पहुंच रहे हैं।राजस्थान गुजरात महाराष्ट्र तमिल नाडु मध्य प्रदेश हिमाचल छत्तीसगढ़ झारखंड बिहार के अलावा आसाम मणिपुर तथा सिलांग जैसे सम्मिलित है।

 इन राज्यों से आने वाले भक्त जहां श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को अपने यथासंभव धनराशि दान रहे हैं, वहींं अभी भी अपने आराध्य के खजाने को चांदी  की शिलाओं से भरने में भी पीछे नही हैं।

ऐसे ही चांदी की शिला को लेकर गुजरात के बड़ोदरा जनपद से बीते सोमवार को महिलाओं का एक दल श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र कार्यालय अयोध्या पहुंच  इसे विहिप नेता शरद शर्मा के हाथों में सौंप कर अपनी श्रद्धा प्रभु चरणों में समर्पित की।

शरद शर्मा ने बताया श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास जी महाराज के शिष्य बड़ोदरा स्थित हनुमान मंदिर के महंत रामशरण दास जी के भक्तों ने यह चांदी की शिला श्रीराम लला के चरणों में दान की है। जिसे श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र कार्यालय में जमा कर दिया गया।

उन्होंने कहा श्री राम जन्मभूमि पर भव्य मंदिर निर्माण को देखने तथा श्री राम लला का अपनी नेत्रों से दर्शन करने हेतु भक्तों की संख्या निरंतर बढ़ रही है। साथ ही भक्त अपने आराध्य को भिन्न भिन्न प्रकार की वस्तुओं का दान देकर अपने श्रद्धा निवेदित कर रहे हैं, ऐसा लगता है कि आने वाले कुछ ही वर्षों में श्रीराम लला की जन्मभूमि त्रेतायुगिन वैभव को पुन: प्राप्त कर देश ही नहीं विश्व विश्व का सर्वाधिक संपत्तिवाला मंदिर होगा।

उन्होंने श्री राम जन्मभूमि आंदोलन के योद्धा विश्व हिंदू परिषद संरक्षक स्वर्गीय अशोक सिंघल का स्मरण करते हुए कहा माननीय अशोक सिंघल जी सदैव कहते थे की सामाजिक समरसता और राष्ट्र मंदिर स्वरूप श्रीराम लला का जिस दिन मंदिर बनना प्रारंभ होगा देश ही नहीं विश्व के सभी जाति पंथ संप्रदाय के हिंदु अपनी श्रद्धा धनराशि, सोना, चांदी और रत्नों के द्वारा दान देकर समर्पित करेंगे। यह मंदिर राष्ट्र मंदिर के रूप में स्थापित होगा। 

आज उनके द्वारा प्रगट किए गए विचार साकार रूप धारण कर रहे हैं। 

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