विदेश मंत्री एस जयशंकर ने की थाईलैंड में एमराल्ड बुद्ध मंदिर की यात्रा

नई दिल्ली :-विदेश मंत्री एस जयशंकर 9वीं भारत-थाईलैंड संयुक्त आयोग की बैठक में भाग लेने के लिए 16-18 अगस्त तक थाईलैंड यात्रा पर रहे जहाँ उन्होंने सामाजिक और संस्कृति मुद्दों पर चर्चा की. थाईलैंड में बौद्ध धर्म सबसे बड़ा धर्म है, जिसका पालन 93% आबादी करती है। थाई संविधान में थाईलैंड एक धर्मनिरपेक्ष राष्ट्र है। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने थाईलैंड के सबसे पवित्र बौद्ध मंदिर माने जाने वाले एमराल्ड बुद्ध मंदिर की यात्रा की। उन्होंने कहा कि भारत और थाईलैंड के बीच समकालीन साझेदारी इतिहास और संस्कृति पर आधारित है। एक विशाल भित्ति चित्र को देखते हुए अपनी एक तस्वीर साझा करते हुए ट्वीट किया, ‘बैंकाक में एमराल्ड बुद्ध के मंदिर में शानदार रामायण भित्ति चित्र को देखा।’ उन्होंने कहा, ‘थाईलैंड के साथ हमारी समकालीन साझेदारी काफी कुछ इतिहास और संस्कृति पर आधारित है।’

थाईलैंड के विदेश मंत्री डोन प्रमुदविनई से भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने बुधवार को सार्थक बातचीत की है। इस दौरान दोनों देशों के नेताओं ने राजनीतिक, आर्थिक, सुरक्षा एंव रक्षा, संपर्क और स्वास्थ्य क्षेत्र में द्विपक्षीय संपर्कों को आगे बढ़ाने पर चर्चा की है। यह बैठक बैंकॉक में हुई है।

विदेश मंत्री ने म्यांमार की स्थिति पर भी चर्चा की और हिंद-प्रशांत क्षेत्र को लेकर भारत के दृष्टिकोण को साझा किया। उन्होंने एक अन्य ट्वीट में कहा, ‘अपने पड़ोसियों के रूप में, म्यांमार की स्थिति पर विचारों का आदान-प्रदान किया गया। साथ ही आसियान और बिम्सटेक के भीतर भी हमारे सहयोग और हिंद-प्रशांत क्षेत्र के संबंध में दृष्टिकोण साझा किए गये।’ उन्होंने कहा, ‘दक्षिण-पूर्वी एशियाई राष्ट्रों के संगठन देशों में थाईलैंड हमारे लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण रहा है। आज यह एक बहुत बड़ा भागीदार है. मुझे लगता है कि आज व्यापार 15 अरब अमेरिकी डॉलर से अधिक है।’ थाईलैंड न केवल आसियान में बल्कि बंगाल की खाड़ी बहु-क्षेत्रीय तकनीकी एवं आर्थिक सहयोग पहल और मेकांग-गंगा जैसे अन्य संगठनों में भी भारत का भागीदार है।

थाईलैंड के प्रधानमंत्री से मिले जयशंकर

जयशंकर ने थाईलैंड के प्रधानमंत्री प्रयुत चान-ओचा से भी मुलाकात की और क्षेत्रीय एवं वैश्विक घटनाक्रम पर दृष्टिकोण का आदान-प्रदान किया। जयशंकर ने ट्वीट किया, ‘मुझे अपनी इस यात्रा के दौरान थाईलैंड के प्रधानमंत्री प्रयुत चान-ओचा से मुलाकात करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। राजनयिक संबंधों की 75वीं वर्षगांठ के मौके पर द्विपक्षीय संबंधों को आगे बढ़ाने पर उनके मार्गदर्शन से लाभान्वित हुआ।

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