वजीराबाद में पुराने बैराज इंफ्रास्ट्रक्चर को अपग्रेड करेगा दिल्ली जल बोर्ड

रिपोर्ट :- नीरज अवस्थी

नई दिल्ली : दिल्ली के जल मंत्री एवं दिल्ली जल बोर्ड (डीजेबी) के अध्यक्ष सत्येंद्र जैन ने शुक्रवार को दिल्ली जल बोर्ड और सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक अहम बैठक की। इस दौरान उन्होंने वजीराबाद में मौजूदा पुराने बैराज को आधुनिक तरीके से अपग्रेड करने का फैसला लिया।

वज़ीराबाद बैराज 1959 में उत्तरी दिल्ली में यमुना नदी पर बनाया गया था। बैराज एक विशेष प्रकार का बांध होता है, जिसमें बड़े-बड़े द्वारों की श्रंखला होती है। बैराज द्वारा नदियों के प्रवाह तथा उनके जलस्तर को नियंत्रित किया जाता है। यमुना में कुल 6 बैराज हैं, जिनमें से एक वजीराबाद बैराज है।

दिल्ली सरकार वजीराबाद बैराज को अत्याधुनिक तकनीक का उपयोग करके बनाने जा रही है। बैराज में ऑटोमेटिक अलार्म सिस्टम होगा, जिससे कि किसी भी तरह के बाढ़ के खतरे से पहले अलार्म के द्वारा अलर्ट जारी किया जा सकेगा। यह आस-पास के क्षेत्रों में बाढ़ को रोकने के लिए एक क्रांतिकारी कदम साबित होगा। जिससे बाढ़ के समय जान-माल की क्षति की संभावना न के बराबर रह जाएगी। इस नए बैराज के द्वारा गैर-मानसून सीज़न में अधिक से अधिक पानी का भंडारण किया जा सकेगा। जिससे शहर के भूजल स्तर को और बढ़ाने में मदद मिलेगी।

बैठक में मंत्री सत्येंद्र जैन ने कहा कि इन बैराजों को नए तरीके से अपग्रेड करने की जरूरत है, ताकि ये आज की जरूरतों के अनुसार काम कर सकें। हर साल मानसून के दौरान, यमुना नदी से लाखों क्यूसेक पानी बह कर चला जाता है। इसे नियंत्रित करने के लिए बैराज सिस्टम को नए सिरे से लेटेस्ट टेक्नोलॉजी के साथ बनाना जरूरी है। उन्होंने आगे कहा कि नया बैराज भूजल स्तर को बेहतर बनाने और नदी के जल स्तर को स्थिर करने में मदद करेगा, ताकि दिल्ली जल बोर्ड के जल उपचार संयंत्रों में आसानी से पानी भेजा जा सके।

उन्होंने कहा कि नए बैराज को अत्याधुनिक तकनीकों का उपयोग करके बनाया जाएगा, जो ऑटोमेटिक अलार्म सिस्टम से लैस होंगे। इससे हमें बाढ़ नियंत्रण में मदद मिलेगी। बरसात के मौसम में लाखों गैलन पानी यमुना से कुछ दिनो के भीतर ही बहकर निकाल जाता है। नए बैराज के बनने से बैराज की पानी रोकने की ताकत बढ़ जाएगी।
नए बैराज गैर-बरसाती सीजन में अधिक पानी रोकने में सक्षम होंगे। इससे पानी का रिसाव भूजल की तरफ बढ़ेगा, जिससे कि भूमिगत जल स्तर में बढ़ोतरी होगी। यानि के बहुत कम कीमत में एक सुदृढ़ ‘ग्राउंड वॉटर रीचार्ज सिस्टम’ बनकर तैयार हो जाएगा। इससे गर्मी के मौसम में दिल्ली में आने वाली पानी की समस्या से निजात मिलेगी।

इसके अलावा, हर साल हरियाणा द्वारा छोड़े गए पानी में अमोनिया की मात्रा अधिक होने के कारण दिल्ली में पेयजल की सप्लाई बाधित होती है। दिल्ली सरकार द्वारा बनाए जा रहे इस नए बैराज के पानी का उपयोग दूषित पदार्थों को साफ करने में किया जाएगा, ताकि दिल्ली में पीने के पानी की सप्लाइ सुचारु रुक से जारी रहे।

सरकार का लक्ष्य उचित मापदंडो के साथ वजीराबाद तालाब में जमा होने वाली गाद को कम करना है, ताकि पीने के पानी को रोकने की क्षमता को भी साथ-साथ बढ़ाया जा सके।


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