मुलायम सिंह यादव की छोटी बहू अपर्णा यादव ने कू ऍप पर बनाया अकाउंट, प्लेटफॉर्म के जरिए यूपी के लोगों से करेंगी बातचीत

रिपोर्ट :- शाबान मालिक

उत्तर प्रदेश के चुनावों में बहस, बयानबाजी और चर्चा का सबसे बड़ा मंच बन गया है इंडियन माइक्रो-ब्लॉगिंग प्लेटफॉर्म कू ऍप

उत्तर प्रदेश : उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव शुरू होने के साथ सोशल मीडिया पर सरगर्मी और तेज होने लगी है। अब इस दंगल में मुलायम सिंह यादव की छोटी बहू अपर्णा यादव भी शामिल हो गई हैं। इंडियन माइक्रो-ब्लॉगिंग प्लेटफॉर्म कू ऍप इस पूरे चुनाव में बहस, बयानबाजी और चर्चा का सबसे बड़ा प्लेटफॉर्म बन गया है। आपको बता दें कि अपर्णा यादव पिछले महीने ही समाजवादी पार्टी को छोड़ कर भारतीय जनता पार्टी में शामिल हुई थीं और काफी सुर्खियों में थीं। कू ऍप पर अपर्णा यादव ने @iamaparnayadav नाम से अपना आधिकारिक हैंडल बनाया है।

कू पर अपर्णा यादव ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ जी से अपनी मुलाकात की एक तस्वीर साझा की और लिखा, “माननीय मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश श्री @myogiadiyanath जी से शिष्टाचार भेंट किया।”Koo Appमाननीय मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश श्री @myogiadiyanath जी से शिष्टाचार भेंट किया I View attached media contentAparna Yadav (@iamaparnayadav) 10 Feb 2022

कोरोना की तीसरी लहर के चलते सोशल मीडिया चुनाव प्रचार का नया माध्यम बन गया है। जनसंवाद से लेकर चुनावी वादे, वर्चुअल रैली, बयानबाजी और जनसंपर्क के लिए उत्तर प्रदेश के नेता बड़े पैमाने पर सोशल मीडिया का इस्तेमाल कर रहे हैं। हिंदी भाषियों की भारी संख्या होने के कारण कू ऍप उत्तर प्रदेश में काफी लोकप्रिय है। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री और कई मंत्रियों समेत तमाम दलों के नेता कू पर मौजूद हैं और जनता से उनकी अपनी भाषा में बातचीत कर रहे हैं। बताते चलें कि देश के सबसे ज्यादा विधानसभा सीटों वाले उत्तर प्रदेश में पहले चरण का मतदान हो चुका है। 7 चरणों में होने वाले इन चुनावों के नतीजे 10 मार्च को घोषित किए जाएंगे।

महिला अधिकारों और सशक्तिकरण पर काम करने वालीं अपर्णा, बीअवेयर (bAware) नामक एक संगठन भी संचालित करती हैं। उन्होंने महिलाओं से जुड़े मुद्दों पर काफी काम किया है। 2017 में अपर्णा यादव ने पहली बार समाजवादी पार्टी के टिकट पर लखनऊ कैंट सीट से विधानसभा चुनाव लड़ा। हालांकि अपर्णा यादव को अपने पहले चुनाव में बीजेपी की रीता बहुगुणा जोशी से हार का सामना करना पड़ा।

गौरतलब है कि कू ऍप उत्तर प्रदेश में काफी तेजी से लोकप्रिय हो रहा है और प्रदेश के 250 से ज्यादा विधायकों और लगभग 41 सांसदों ने जनता से सीधा संवाद करने के लिए इसे चुना है। वहीं, देश के 18 राज्यों के मुख्यमंत्री और कई केन्द्रीय मंत्री भी इस प्लेटफॉर्म पर मौजूद हैं।

वर्तमान में कू एप पर उत्तर प्रदेश के कई नामचीन नेता बेहद सक्रिय हैं जिनमें सूबे के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ; उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और डॉ। दिनेश शर्मा, अपना दल की नेता और केन्द्रीय राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल, बहुजन समाज पार्टी के महासचिव सतीश चंद्र मिश्र, प्रगतिशील समाजवादी पार्टी के संस्थापक और अध्यक्ष शिवपाल यादव, सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के ओम प्रकाश राजभर, आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह, आजाद समाज पार्टी के अध्यक्ष चंद्रशेखर आजाद और AIMIM उत्तर प्रदेश और पीस पार्टी के नेता भी शामिल हैं।

कू के बारे में

कू ऍप की लॉन्चिंग मार्च 2020 में भारतीय भाषाओं के एक बहुभाषी, माइक्रो-ब्लॉगिंग प्लेटफॉर्म के रूप में हुई। भारतीय भाषाओं में अभिव्यक्ति के लिए एक अनोखे मंच के रूप में कू ऍप भारतीयों को हिंदी, मराठी, गुजराती, पंजाबी, कन्नड़, तमिल, तेलुगु, असमिया, बंगाली और अंग्रेजी समेत 10 भाषाओं में अभिव्यक्ति का प्लेटफॉर्म देता है। भारत में, जहां करीब 90% लोग अपनी मातृभाषा में ही अभिव्यक्ति में सहज हैं, कू ऍप भारतीयों को अपनी पसंद की भाषा में विचारों को साझा करने और स्वतंत्र रूप से बात कहने के लिए सशक्त बनाता है। सबसे बड़े हिंदी माइक्रो-ब्लॉगिंग प्लेटफॉर्म के रूप में उभरकर सामने आए कू ऍप को 2 करोड़ से ज्यादा लोगों ने डाउनलोड किया है। राजनीति, खेल, मीडिया, मनोरंजन, आध्यात्मिकता, कला और संस्कृति के मशहूर लोग द्वारा अपनी मूल भाषा में दर्शकों से जुड़ने के लिए इस प्लेटफॉर्म पर सक्रिय हैं।

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