भाजपा ने नॉर्थ एमसीडी की 13 पार्किंग प्राइवेट माफियाओं को औने-पौने दामों पर बेचा, उनका करोड़ों का हाउस टैक्स भी माफ किया

रिपोर्ट :- नीरज अवस्थी

नई दिल्ली, :- ‘आप’ विधायक आतिशी ने कहा कि भाजपा ने न सिर्फ एमसीडी की 13 पार्किंग बेची बल्कि उनपर करोड़ों का हाउस टैक्स भी माफ कर दिया। इन 13 पार्किंग पर एमसीडी के सरकारी खजाने में लगभग 30 करोड़ का फायदा हो सकता था। लेकिन भाजपा ने वह भी नहीं होने दिया। उन्होंने कहा कि भाजपा शासित एमसीडी अपने सभी राजस्व स्रोतों की आय में घोटाला करने की वजह से कर्मचारियों की तनखा देने में अक्षम है। आगामी चुनाव में सत्ता से बाहर होने के डर से भाजपा ने एमसीडी को कंगाल करने का मन बना लिया है। वहीं नॉर्थ एमसीडी के नेता प्रतिपक्ष विकास गोयल ने कहा कि भाजपा एक आम आदमी की 50 गज की ज़मीन पर भी हाउस टैक्स नहीं छोड़ती है, तुरंत सीलिंग का नोटिस भेज देती है, लेकिन यहां करोड़ों का हाउस टैक्स माफ कर दिया। एमसीडी में कुछ ही वक्त बचा होने के कारण भाजपा बेशर्मी से खुलेआम भ्रष्टाचार कर रही है।

आम आदमी पार्टी की वरिष्ठ नेता और विधायक आतिशी ने रविवार को पार्टी मुख्यालय में प्रेसवार्ता को संबोधित किया। आतिशी ने कहा कि दिल्ली में जो भाजपा शासित एमसीडी है, अब हम कई सालों से देख रहे हैं कि हर तीन या चार महीने में एमसीडी के सारे कर्मचारी हड़ताल पर जाते हैं। जिसमें सफाई कर्मचारी, डॉक्टर्स, नर्सेस, टीचर्स आदि सभी शामिल हैं। वह लोग हड़ताल पर क्यों जाते हैं? क्योंकि एमसीडी का कहना है कि उनके पास पैसे नहीं हैं इसलिए वह तनख्वाह नहीं दे पाते हैं। वही एमसीडी जो हर कुछ महीनों में अपने हाथ खड़े कर लेती है कि हमारे पास पैसे की कमी है, लेकिन जब हम उनके राजस्व के स्त्रोत देखने जाते हैं तो पता चलता है कि एमसीडी ने उसमें भी घोटाला किया हुआ है।

पार्किंग एमसीडी के राजस्व का एक सबसे बड़ा स्त्रोत है। पार्किंग से आने वाला पैसा एमसीडी के बजट में एक बहुत बड़ी भूमिका निभाता है। लेकिन हर तरह के अवैध काम आज एमसीडी की पार्किंग पॉलिसी में चल रहे हैं। और यही कारण है कि जो राजस्व पार्किंग से तीनों एमसीडी को आना चाहिए वह नहीं आता है। जो पैसा स्पष्ट तौर पर भाजपा के नेताओं और पार्षदों की जेब में जाता है। तो एक तरफ उनके डॉक्टर्स, नर्सेस, टीचर्स, सफाई कर्मचारी आदि सभी परेशान रहते हैं क्योंकि उनको सैलरी नहीं मिलती है। तो दूसरी तरफ दिल्ली के लोग परेशान रहते हैं क्योंकि जब वह लोग घर के बाहर जाते हैं तो उन्हें पार्किंग की सही व्यवस्था नहीं होती है।

आज आप दिल्ली में देखिए तो दिल्ली में एक करोड़ गाड़ियां हैं। एमसीडी की ज़िम्मेदारी है कि इन एक करोड़ गाड़ियों के लिए पार्किंग की व्यवस्था करे। लेकिन एमसीडी के पास जो वैध पार्किंग उपलब्ध है वह एक लाख गाड़ियों के लिए है। इसका मतलब बाकी सारी पार्किंग अवैध तरीके से हो रही हैं। जिससे एमसीडी को कोई राजस्व नहीं मिल रहा है। एमसीडी में 2012 में भाजपा ने वादा किया था कि वह दिल्ली में 100 मल्टीलेवल पार्किंग बनाएंगे, दिल्ली में पार्किंग की समस्या को दूर करेंगे। लेकिन अबतक सिर्फ 14 मल्टीलेवल पार्किंग ही चल रही हैं। जब पैसे मांगने की बात आती है, कन्वर्जन शुल्क मांगने की बात आती है तो सभी बज़ारों को नोटिस भेज दिया जाता है कि आपके यहां कॉमर्शियल पार्किंग बननी है, इसलिए आप कन्वर्जन शुल्क भरो। लेकिन जब पार्किंग बनाने की बात आती है तो ऐसा लगता है कि एमसीडी कोई भी पार्किंग नहीं बना रही है।

पार्किंग के एक घोटाले का खुलासा करते हुए आतिशी ने कहा कि हमने अभी कुछ दिन पहले देखा कि एमसीडी के पास जो 13 मल्टीलेवल पार्किंग हैं, जो एमसीडी के लिए राजस्व का एक बड़ा स्त्रात हो सकती हैं, उनको प्राइवेट माफियाओं को औने-पौने दामों पर बेच दिया गया। जिसमें शामिल हैं पीतमपुरा की शिवा मार्केट, गांधी मैदान पार्किंग, रानी बाग पार्किंग, ईदगाह पार्किंग, शास्त्रीनगर पार्किंग, राजेन्द्र नगर पार्किंग, यूएनवी ब्लॉक शालीमार बाग, एसी ब्लॉक शालीमार बाग, मादीपुर मेट्रो पार्किंग, उद्योगनगर मेट्रो पार्किंग, पंजाबी बाग मेट्रो पार्किंग, नागलोई मेट्रो पार्किंग और मुंडका मेट्रो पार्किंग।

कुछ दस्तावेज पेश करते हुए उन्होंने कहा कि तो जो आय का स्त्रोत एमसीडी का हो सकता था, वह भी प्राइवेट माफियाओं को दे दिया जाता है। औने-पौने दामों पर दे दिया जाता है। क्यों? क्योंकि अब भाजपा को पता है कि कुछ ही महीनों में उनकी सरकार एमसीडी से जाने वाली है। इसलिए उन्होंने सोच लिया है कि एमसीडी की जो भी संपत्तियां हैं, उन्हें बेच डालो क्योंकि अब पैसा बनाने का यही एक जरिया बचा है। लेकिन आज जो यह कागजात निकलकर आए हैं, न सिर्फ इन 13 पार्किंग को एमसीडी ने बेचा है बल्कि एमसीडी के राज्सव में और घाटा करते हुए भाजपा ने इन सभी पार्किंग पर हाउस टैक्स भी माफ कर दिया है। तो यह प्रॉपर्टी टैक्स, जो एमसीडी के पास आना चाहिए था, भाजपा ने उसमें भी सेंध लगा दी। हालांकि, एमसीडी से पास इसकी इजाज़त नहीं होती है लेकिन भाजपा हाउस में आती है और हाउस से एक खास संकल्प पास करवाते हैं कि जिन प्राइवेट माफियाओं को हमने यह सभी पार्किंग बेच दी हैं, उससे थोड़ा बहुत जो प्रॉपर्टी टैक्स आ सकता था, अब वह प्रॉपर्टी टैक्स भी नहीं आएगा।

इन 13 पार्किंग से हर साल लगभग 30 करोड़ तक का प्रॉपर्टी टैक्स एमसीडी को मिल सकता था। लेकिन इस 30 करोड़ के प्रॉपर्टी टैक्स को एमसीडी खास संकल्प लाकर माफ कर देती है। हम भाजपा से यह पूछना चाहते हैं कि क्या आपने मन बना लिया है कि आप इसबार एमसीडी को चुनाव से पहले कंगाल कर देंगे। वैसे ही आपके पार्षद गली मोहल्ले में जाकर उगाई करते हैं, जब भी कोई लिंटर डालने जाता है तो आपका पार्षद पैसे खाने पहुंच जाता है।

आप वैसे ही एमसीडी में पैसे नहीं आने देते हैं, जो थोड़ा बहुत पार्किंग और प्रॉपर्टी टैक्स से पैसा आता था, अब आपने वह भी मन बना लिया है कि वह चवन्नी-अठन्नी भी हम सरकारी खजाने में नहीं आने देंगे। प्राइवेट माफियाओं के साथ सांठगांठ करके, अपनी जेब में पैसा भरके उनको पहले हम पार्किंग बेच देंगे और उसके बाद उनका प्रॉपर्टी टैक्स भी माफ कर देंगे।

उत्तरी दिल्ली नगर निगम से नेता प्रतिपक्ष विकास गोयल ने कहा कि पिछले 15 सालों से भाजपा ने एमसीडी मंऔ सिर्फ और सिर्फ भ्रष्टाचार किया है। लेकिन पिछले कुछ समय से, लगभग एक साल से इनको एहसास हो गया है कि एमसीडी की सत्ता से जाने वाले हैं। अब भाजपा बिना किसी शर्म या डर के खुलेआम भ्रष्टाचार कर रही है।

आप देख सकते हैं कि पार्किंग माफियाओं और विज्ञापन वालों के साथ एमसीडी के कैसे रिश्ते हैं। उनके करोड़ों के प्रॉपर्टी टैक्स माफ कर दिए जाते हैं। इसी प्रकार से भाजपा ने एमसीडी की जो 13 पार्किंग बेची हैं, उनपर हर साल हजारों करोड़ का राजस्व आ सकता था। लेकिन भाजपा ने कमीशन खाने के चक्कर में पहले तो सभी पार्किंग को औने-पौने दामों में बेच दिया, ऊपर से उनका हाउस टैक्स भी माफ कर दिया। जबकि दिल्ली की कोई भी ज़मीन हो, एमसीडी का हक है उसपर हाउस टैक्स लेना। आमतौर पर, भाजपा 50 गज की ज़मीन पर भी हाउस टैक्स नहीं छोड़ती है, तो यह तुरंत सीलिंग का नोटिस भेज देते हैं, लेकिन यहां करोड़ों का हाउस टैक्स माफ कर दिया। मैं भाजपा के नेताओं।

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