भाजपा द्वारा पंडित दीनदयाल उपाध्याय की पुण्यतिथि पर उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की गई

रिपोर्ट :- नीरज अवस्थी

नई दिल्ली, भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं दिल्ली प्रदेश प्रभारी श्री बैजयन्त जय पांडा ने कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय की बातें और विचारधारा न सिर्फ भाजपा के लिए प्रोत्साहन है बल्कि एक उद्देश्य है जिसे हम जनता तक पहुंचाने में कामयाव हो पाए हैं। पंडित दीनदयाल उपाध्याय की पुण्यतिथि पर आज पंडित दीनदयाल उपाध्याय पार्क स्थित उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण के मौके पर श्री पांडा ने कहा कि अंत्योदय जो पंडित दीनदयाल उपाध्याय की देन है आज के कोरोना काल के समय में 80 करोड़ लोगों के लिए वरदान साबित हुआ है क्योंकि माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में मुफ्त राशन पहुँचाने का काम किया गया।

आज समर्पण दिवस के अवसर पर श्री बैजयन्त जय पांडा के अलावा भाजपा की राष्ट्रीय मंत्री एवं दिल्ली सह प्रभारी डॉ. अलका गुर्जर, भाजपा के राष्ट्रीय कार्यालय मंत्री श्री महेन्द्र पांडेय, सांसद श्री रमेश बिधूड़ी, नेता प्रतिपक्ष श्री रामवीर सिंह बिधूड़ी, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष श्री सतीश उपाध्याय, प्रदेश भाजपा कोषाध्यक्ष एवं कार्यक्रम के संयोजक श्री विष्णु मित्तल, प्रदेश भाजपा महामंत्री श्री हर्ष मल्होत्रा, प्रदेश उपाध्यक्ष श्री राजन तिवारी, प्रदेश भाजपा मीडिया प्रमुख श्री नवीन कुमार जिंदल, प्रदेश महिला मोर्चा अध्यक्ष श्रीमती योगिता सिंह, प्रदेश अनुसूचित जाति मोर्चा अध्यक्ष श्री भूपेन्द्र गोठवाल सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद थे।

श्री पांडा ने कहा कि सबका साथ सबका विकास सबका विश्वास और सबका प्रयास का नारा पंडित दीनदयाल उपाध्याय की विचारधारा से ही शुरू होकर आज इतना सफल हुआ है। 21वीं सदी में हम जिस भी विषय के बारे में चर्चा करते हैं चाहे वह पर्यायवरण हो या फिर सतत विकास हो, इन सब के बारे में पंडित दीनदयाल उपाध्याय ने पहले ही मार्गदर्शन कर चुके हैं, और आज पूरी दुनिया उसे अपना रही है। उन्होंने कहा कि भाजपा एक ऐसी पार्टी है जो सिर्फ चुनाव के वक़्त ही लोगों तक नहीं पहुंचती बल्कि हर विपरीत परिस्थिति में उसके मंत्री एवं कार्यकर्ता जनता के बीच मौजूद रहते हैं, और यह सब पंडित दीनदयाल उपाध्याय की विचारधारा से ही प्रेरित है।

डॉ. अलका गुर्जर ने कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय ने पार्टी को एक विचारधारा दी और पार्टी आज उसी के अनुरूप जन कल्याण की भावना से कार्य कर रही है। पण्डित दीनदयाल उपाध्याय भारतीय राजनीति में एक ऐसे हस्ताक्षर हैं जिन्होंने रजनीति की दिशा और दशा दोनों बदल दी। पार्टी ने उनके दिए सिद्धान्तों के अनुरूप ही आज अंत्योदय के सिद्धांत को अपनाकर हर कार्य समाज के हर एक तबके के लिए कर रही है। भाजपा की केंद्र और राज्यों की सभी सरकारों द्वारा चलाई जा रही योजनाओं का मूल गरीब से गरीब व्यक्ति तक सुविधा और लाभ पहुँचाना है।

श्री महेन्द्र पांडेय ने कहा कि आज तक पंडित दीनदयाल उपाध्याय का निधन एक पहेली बनी हुई है, जबकि इसके लिए कई आयोग गठित किये गए, लेकिन कुछ परिणाम नहीं मिल सका। उन्होंने कहा कि हमारा मानना है कि वह एक बहुत बड़ी अंतराष्ट्रीय साज़िश थी क्योंकि उन्होंने भारतीय राजनीति में एक नई विचारधारा एवं कीर्तिमान स्थापित करने की कोशिश की जिससे कई विदेशी ताकते भी भयभीत थी। उन्होंने कहा कि देश में आने वाली पंचवर्षीय योजना भी पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी की विचारधारा की देन है। देश को पूंजीवादी की तरफ ले जा रहे कुछ लोगों के बीच में रोड़ा बन पंडित दीनदयाल उपाध्याय ने उस वक़्त भारत के राष्ट्र होने के प्रमाण पर कहा कि भारत एक प्राचीन राष्ट्र है, यह कोई नया राष्ट्र नहीं है ना ही किसी के द्वारा बनाया गया है।

श्री महेन्द्र पांडेय ने कहा कि दीनदयाल उपाध्याय ने दो शब्दों पर हमेशा से जोर दिया है आत्मनिर्भर एवं आत्मसम्मान। उस वक़्त सभी विदेशी तकनीकी का प्रयोग किया जाता था, जिसपर उन्होंने कहा था कि जब तक स्वदेशी नहीं अपनाएंगे एवं जब तक स्वालंबन नहीं होंगे तब तक हमारे देश का विकास नहीं हो सकेगा। उन्होंने कहा कि ग्राम स्वराज की बात करने वाले दीनदयाल उपाध्याय ने कहा था कि अगर देश का असली विकास करना है तो सबसे पहले गांवों की व्यवस्था में सुधार करने की जरूरत है क्योंकि असली भारत गांवों में बसता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

one + four =