बैंकों से करोड़ों रुपए लेकर भाजपाइयों के सहयोग से विदेश भागने वाले मेहुल चौकसी, विजय माल्या, ललित मोदी और नीतिन संदेशा पर कब कार्रवाई होगी?- संजय सिंह

रिपोर्ट :-नीरज अवस्थी

नई दिल्ली :-दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन के घर ईडी की छापेमारी को लेकर आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं राज्यसभा सदस्य संजय सिंह ने कहा कि ईडी के छापे में सत्येंद्र जैन के घर से कुछ नहीं मिला है। उनको बदनाम करने की साजिश रची गई है और इसमें कामयाबी नहीं मिलेगी। पहले भी ये लोग मुंह की खा चुके हैं और आगे भी मुंह की खाएंगे। मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री समेत हमारे तमाम विधायकों के यहां छापा मार चुके हैं, लेकिन कुछ नहीं मिला। एक संस्था का सिर्फ दूसरों का गला दबाने, उसको और उसके परिवार को अपमानित करने के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है। ऐसा लगता है कि ईडी की कार्रवाई प्रायोजित है और ईडी भाजपा के दफ्तर से चल रही है। आठ साल पुराने मामले में सत्येंद्र जैन से सात बार पूछताछ हो चुकी है और कुछ नहीं निकला। भाजपाई बगैर सिर-पैर के आरोप लगा रहे हैं और अलग-अलग मुद्दों से देश का ध्यान हटाने के लिए रोज नया ड्रामा लेकर आ जाते हैं। उन्होंने सवाल किया कि बैंकों से करोड़ों रुपए लेकर भाजपाइयों के सहयोग से विदेश भागने वाले मेहुल चौकसी, विजय माल्या और ललीत मोदी और नीतिन संदेशा पर कब कार्रवाई होगी?

आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं राज्यसभा सदस्य संजय सिंह ने आज पार्टी मुख्यालय में मीडिया से बात करते हुए कहा कि सत्येंद्र जैन जी के घर से ईडी को कुछ भी नहीं मिला है। ईडी ने सत्येंद्र जैन को इतने दिनों से अपनी कस्टडी में रखा और पूछताछ की, लेकिन कुछ हासिल नहीं हुआ। सत्येंद्र जैन के परिवार का उत्पीड़न करने के लिए उनके घर पहुंच गए। घर में पत्नी और बच्चे थे। सारे ईडी के अधिकारी पूरा एक दिन बैठे रहे। उनके छापे में क्या निकला? कल से हल्ला मचाया जा रहा है कि इतने करोड़ रुपए और ज्वैलरी मिल गई। भाजपाइयों से कहना चाहूंगा कि थोड़ा पढ़ लिख लिया करें और अपने दिमाग पर भी थोड़ा जोर दिया करो। सिर्फ आरोप लगाने के आ जाते हो, तो ऐसा लगता है कि सारा कार्यक्रम प्रायोजित है। ऐसा लग रहा है कि ईडी भारतीय जनता पार्टी के दफ्तर से चल रही है। सत्येंद्र जैन के घर पर 2.79 लाख रुपए मिला। यह ईडी के कागज कह रहे हैं। ईडी ने उस नकदी को सीज नहीं किया, क्योंकि वो पैसा ईमानदारी का था। अब ज्वैलर के यहां और किसी जैन के यहां क्या मिला, उसको लेकर कहा जा रहा है कि सत्येंद्र जैन इस्तीफा दें। सत्येंद्र जैन पर कार्रवाई होनी चाहिए।

राज्यसभा सदस्य संजय सिंह ने भाजपा के लोगों को याद दिलाते हुए कहा कि सत्येंद्र जैन वही व्यक्ति हैं, जिनकी तारीफ उस समय के केंद्रीय नगर विकास मंत्री वेंकैया नायडू ने की थी। सत्येंद्र जैन 250 करोड़ रुपए की लागत से बनने वाले पुल को 150 करोड़ रुपए में बनाया था। सत्येंद्र जैन वो व्यक्ति हैं, जिन्होंने दिल्ली के अंदर 20 लाख रुपए का एक मोहल्ला क्लीनिक बनाने का मॉडल दिया। जिसकी चर्चा आज पूरी दुनिया में हो रहा है। आज भाजपाई जो भी मन में आ रहा है, वो आरोप लगा रहे हैं। बगैर सिर-पैर के आरोप लगा रहे हैं। आठ साल पुराना मामला है और उसमें सात बार उनसे पूछताछ हो गई है। कुछ भी नहीं निकला था। अलग-अलग मुद्दों से देश का पूरा ध्यान हटाने के लिए भाजपाई रोज नया ड्रामा लेकर आ जाते हैं। उन्होंने सवाल किया कि क्या देश भर में जितने मोदी मिलेंगे, वो सारे पीएम मोदी के भाई हो जाएंगे। अगर ऐसा है, तो नीरव मोदी पर अब तक कार्रवाई क्यों नहीं हुई? मेहुल चौकसी पर कार्रवाई क्यों नहीं हुई? मेहुल चौकसी को तो प्रधानमंत्री जी ने एक कार्यक्रम में खुलेआम ‘‘मेहुल भाई’’ कहा था। उन्होंने मीडिया से कहा कि प्रधानमंत्री के करीबी मेहुल भाई ने बैंकों हजारों करोड़ रुपए लूटा, यह आप क्यों नहीं चलाते हैं? जिसको प्रधानमंत्री स्वयं मेहुल भाई कह रहे हैं, उसके बारे में कभी खबर नहीं चलेगी कि प्रधानमंत्री के करीबी मेहुल भाई ने हिन्दुस्तान के बैंकों से 20 हजार करोड़ रुपए लूट लिया और अब विदेश में बैठ कर हिन्दुस्तान को चिढ़ा रहा है। विजय माल्या 10 हजार करोड़ रुपए लूट कर भाजपा के सहयोग से विदेश भाग गया। नीतिन संदेशा छह हजार करोड़ रुपए लेकर भाग गया। 2800 करोड़ रुपए लेकर ललीत मोदी भाग गया और विदेशों में बैठ कर हिन्दुस्तान को चिढ़ा रहा है। वो भी भाजपा ने नेताओं के सहयोग से विदेश भागा। इन पर ईडी और सीबीआई कब कार्रवाई करेगी? येदुरप्पा पर कार्रवाई कब करेगी? व्यापम घोटाले पर कार्रवाई कब करेगी। राफेल पर कार्रवाई कब करेगी।

‘आप’ के वरिष्ठ नेता संजय सिंह ने कहा कि ईडी ने नौ साल में 1700 रेड मारी है। 1700 रेड में सिर्फ 9 लोगों पर दोष सिद्ध हुआ है। यानि कि ईडी का दोष सिद्ध रेट 0.4 है। एक संस्था, जिसको आप सिर्फ और सिर्फ दूसरों का गला दबाने का इस्तेमाल कर रहे हैं। दूसरों को और उसके परिवार को अपमानित करने के लिए इस्तेमाल कर रहे हैं। सीबीआई को सुप्रीम कोर्ट ने तोता कह दिया था। अब ईडी मैना निकल गई है। तोता-मैना को अपने हिसाब से जैसे सरकार चाहती है, वैसे नचाती है। मैं दोहराना चाहता हूं कि सत्येंद्र जैन के घर से ईडी के छापे में कुछ भी नहीं निकला और उनको बदनाम करने की साजिश रची गई है, जिसमें कामयाबी नहीं मिलेगी। क्योंकि पहले भी ये लोग मुंह की खा चुके हैं और आगे भी मुंह की खाएंगे। हमारे तमाम विधायकों पर इन्होंने एफआईआर किया। मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री के घर पर छापा मार कर देख चुके हैं, अभी तक कुछ नहीं मिला है।

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