प्रधानमंत्री की सुरक्षा में हुई चूक संयोग नहीं बल्कि प्रयोग था और यह अचानक नहीं बल्कि प्रायोजित था-आदेश गुप्ता

रिपोर्ट :- नीरज अवस्थी

नई दिल्ली:- दिल्ली प्रदेश भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष आदेश गुप्ता ने पंजाब में हुई प्रधानमंत्री की सुरक्षा में चूक को सुनियोजित और साजिश बताते हुए कांग्रेस पर आरोप लगाया कि देश के प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की सुरक्षा के साथ जो खिलवाड़ 5 जनवरी को किया गया, प्रदर्शनकारियों द्वारा वहां सड़क रोकी गयी लेकिन कांग्रेस शासित पंजाब पुलिस उसमें मूक दर्शक बनकर खड़ी रही यह सिर्फ इसलिए क्योंकि उनको चन्नी सरकार द्वारा कोई कार्रवाई न करने के निर्देश दिए गए थे। इसके लिए चन्नी सरकार को और पूरी कांग्रेस पार्टी को देश से माफी मांगनी चाहिए। उन्होंने कहा कि यह सुरक्षा में हुई चूक संयोग नहीं बल्कि प्रयोग था और यह अचानक नहीं बल्कि प्रायोजित था। वहां के स्थानीय एसएचओ ने स्पष्ट कहा था कि प्रधानमंत्री के रूट और उसमें होने वाली रुकावट के बारे में और होने वाले प्रदर्शन के बारे में हमने अपने बड़े अधिकारियों को पहले से ही दी थी लेकिन सभी बड़े अधिकारियों ने उसे नजरअंदाज कर दिया।

आज हुए एक संवाददाता सम्मेलन में आदेश गुप्ता ने कहा कि जब बड़े अधिकारियों को जानकारी पहले से दी गई थी तो उस पर कार्रवाई क्यों नहीं की गई। यह पंजाब सरकार की लापरवाही नहीं बल्कि मिलीभगत का नतीजा है। क्योंकि यह भी देखा गया कि जब प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी का काफिला रुका हुआ था तो उस समय प्रदर्शनकारियों को हटाने की जगह पंजाब पुलिस आपस में बात करती हुई और चाय पीती नजर आई। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री जिस रूट से जाने वाले हैं उसकी जानकारी पहले से ही आलाकमान को दे दी गई थी। साथ ही नियम के मुताबिक प्रधानमंत्री के उस रूट को पूरी तरह से सील कर दिया जाता है जहां से उनका काफिला गुजरता है। ऐसे में फ्लाईओवर के नीचे शराब के ठेको का खुला होना और प्रदर्शनकारियों का फ्लाईओवर पर आना पंजाब सरकार और पुलिस की लापरवाही को दर्शाता है। आज हुए प्रेस वार्ता में प्रदेश उपाध्यक्ष श्री राजन तिवारी, प्रदेश प्रवक्ता श्री प्रवीण शंकर कपूर एवं श्री हरीश खुराना भी मौजूद थे।

प्रदेश भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि आम तौर पर जब किसी राज्य में प्रधानमंत्री का दौरा होता है तो उस राज्य के मुख्यमंत्री और प्रशासनिक आला अधिकारी प्रधानमंत्री को रिसीव करने के लिए आते हैं लेकिन इन सब का एक ही साथ गायब होना गम्भीर प्रश्नों को जन्म देता है। यह महज संयोग नहीं हो सकता। बाद में मुख्यमंत्री द्वारा यह कहा जाना कि हम किसी कोरोना पॉजिटिव व्यक्ति के सम्पर्क में आ गए थे इसलिए नहीं आ सके लेकिन वह फोन पर भी उपलब्ध नहीं हो सके। जबकि उसी दिन बिना मास्क के प्रेस कांफ्रेंस करना मुख्यमंत्री चन्नी सहित कांग्रेस के इरादों को बताता है।

दूसरी तरफ श्री गुप्ता ने अरविंद केजरीवाल की मानसिकता पर सवाल उठाते हुए कहा कि प्रधान मंत्री की सुरक्षा चूक एक बड़ी आराजक घटना थी और इस आराजकता पर दिल्ली के मुख्य मंत्री अरविंद केजरीवाल की चुप्पी इसको मूक समर्थन है। इस चुप्पी ने एक बार पुनः केजरीवाल के आराजक स्वाभाव की पोल खोल दी है। केजरीवाल द्वारा एक बार भी इस बारे में न बोलना संदेह खड़ा करता है।

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