पेट्रोल पंप संचालक व आंदोलकारी किसान आमने-सामने, बॉर्डर खाली करने का अल्टीमेटेम दिया

रिपोर्ट :- दौलत शर्मा

हरियाणा :-कृषि कानूनों के विरोध में दिल्ली-जयपुर हाईवे स्थित खेड़ा बार्डर 13 दिसंबर से धरना पर बैठे किसानों और स्थानीय किसान व पेट्रोल पंप संचालक आमने-सामने आ गए हैं। स्थानीय किसानों व पेट्रोल पंप संचालकों द्वारा महापंचायत का आयोजन कर शुक्रवार तक हाईवे खाली करने की चेतावनी दी गई है। इस दौरान खेड़ा बार्डर पर स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है। यहां पर राजस्थान पुलिस किसानों की सुरक्षा में तैनात है तो हरियाणा पुलिस बैरिकेड लगाकर मुस्तैद है। स्थानीय वासी भी लगातार बॉर्डर खाली करने की मांग कर रहे है। क्योंकि लगातार 2 महीने से बॉर्डर बंद होने के कारण वहां आम निवासियों को भी काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है और साले साहब पेट्रोल पंप संचालक भी इसी विरोध में किसानों को अल्टीमेटम दिया हुआ है कि जल्द से जल्द यह बॉर्डर खाली करें।


इसी बीच इलाके में काफी तनाव बढ़ गया है इस तरीके से पेट्रोल पंप संचालक व धरना दे रहे किसानों के बीच टकराव चालू हो गया है जिसको देखते हुए अब राजस्थान पुलिस और हरियाणा पुलिस ने बैरिकेडिंग और बढ़ा दी है।

प्रशासन नही चाहती की इलाके मे किसी भी तरह की कोई हिंसा भड़के. जिसको देखते हुए सेक्योरिटी इंतज़ाम और भी सख्त कर दिए है।

बॉर्डर के दोंनों ओर भारी संख्या में हरियाणा व राजस्थान पुलिस की तैनाती कर दी गई है। बता दें कि कृषि कानूनों के विरोध में हाईवे स्थित खेड़ा बार्डर पर राजस्थान, पंजाब व महाराष्ट्र के सैकड़ों किसान धरना पर बैठे हैं। किसानों के दिल्ली कूच को देखते हुए हरियाणा पुलिस की ओर से यहां भारी बैरिकेडिंग की गई है, जिससे हाईवे के रास्ते वाहनों का आवागमन पूरी तरह बंद है। जिससे स्थानीय ग्रामीणों, पेट्रोल पंप संचालकों व खेड़ा बार्डर के दुकानदारों में काफी रोष है।

अब पुलिस ने आंदोलनकारी किसानों की सुरक्षा और बढ़ा दी है।
करीब 15 दिन पहले भी स्थानीय ग्रामीणों व पेट्रोल पंप संचालकों ने पंचायत कर प्रशासन को चेतावनी दी थी लेकिन कोई समाधान नहीं निकल पाया था। यहां 150 से अधिक पेट्रोले पंप व 500 से अधिक दुकानें है लेकिन किसानों के पड़ाव के कारण सभी ठप हैं। महापंचायत में स्थानीय किसानों ने कहा कि हरियाणा पुलिस को हाईवे से बैरिकेड को हटा देना चाहिए ताकि बार्डर के दूसरी ओर से बैठे आंदोलनकारी यहां से चले जाए लेकिन पुलिस ने बैरिकेड हटाने से मना कर दिया है। पंचायत में निर्णय लिया गया कि शुक्रवार तक हाईवे खाली नहीं कराया गया तो स्थानीय किसान भी इसके विरोध में आंदोलन खड़ा कर देंगे।

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