नहाय खाय के बाद आज दिया जाएगा डूबते सूर्य को अर्घ्य

रिपोर्ट :- पंकज भारती

नई दिल्ली : नहाय खाय के बाद दिया जाएगा डूबते सूर्य को अर्घ्य , छठ पूजा उत्तर प्रदेश बिहार और झारखंड का एक बहुत बड़ा त्यौहार है , छठ पूजा लोग बहुत ही धूमधाम से मनाते हैं अपने संतान के सुखी जीवन के लिए किया जाने वाला सूर्य उपासना का महापर्व छठ पूजा है , आपको बता दें 8 नवंबर को छठ पूजा शुरू हो गई थी ,
8 नवंबर को नहाय खाय था , नहाय खाय के दिन पूरे घर की साफ- सफाई की जाती है और स्नान करने के बाद व्रत का संकल्प लिया जाता है। इस दिन चना दाल, कद्दू की सब्जी और चावल का प्रसाद ग्रहण किया जाता है। अगले दिन खरना से व्रत की शुरुआत होती है,,

वही खरना 9 नवंबर को था इस दिन छठ वर्ती पूरे दिन वर्त रखते हैं और शाम को मिट्टी के चूल्हे पर गुड़ वाली खीर का प्रसाद बनाते हैं और फिर सूर्य देव की पूजा करने के बाद यह प्रसाद ग्रहण किया जाता है। इसके बाद व्रत का पारणा छठ के समापन के बाद ही किया जाता है खरना के अगले दिन सूर्य को अर्घ्य दिया जाता है,,

वही आज 10 नवंबर दिन बुधवार को देशभर में धूमधाम और हर्षोल्लास के साथ मनाया जा रहा है। नहाय-खाय और खरना के बाद आज डूबते सूर्य को अर्घ्य दिया जाता है और छठी माता की पूजा की जाती है। हर वर्ष कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि को छठ पूजा करते हैं। छठ पूजा में डूबते और उगते सूर्य को अर्घ्य देना बहुत ही महत्वपूर्ण माना जाता है। इसके बिना छठ पूजा अधूरी है। छठ पूजा को डाला छठ या सूर्य षष्ठी पूजा भी कहा जाता है। छठी माता की कृपा से वंश वृद्धि का आशीष मिलता है, संतान का जीवन सुखी होता है और सूर्य देव की कृपा से निरोगी जीवन मिलता है।
मैं आपको बता दें छठ पूजा में सूर्य देव को अर्घ्य देने का विशेष महत्व होता है, षष्ठी तिथि यानी आज शाम के समय में डूबते सूर्य को और वही अगले दिन प्रात: उगते सूर्य को अर्घ्य दिया जाता है।

(अर्घ्य देने का शुभ मुहूर्त)
आज शाम डूबते सूर्य को अर्घ्य देने का शुभ मुहूर्त शाम को 5:30 पर है , वही कल उगते सूर्य को अर्घ्य देने का शुभ मुहूर्त सुबह 6:41 पर है ।

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