दिल्ली सरकार का मोहल्ला क्लीनिक ’मौत का क्लीनिक’ बन चुका है-आदेश गुप्ता

रिपोर्ट :/ नीरज अवस्थी

नई दिल्ली :- भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष श्री आदेश गुप्ता ने दिल्ली सरकार के मोहल्ला क्लीनिक के डॉक्टरों द्वारा एक बार फिर से लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि केजरीवाल सरकार के स्वस्थ्य तंत्र पूरी तरह से जर्जर हो चुका है। केंद्र सरकार द्वारा डेक्स्ट्रोमेथोर्फन दवाई का उपयोग 4 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए करने से मना किया गया था लेकिन मोहल्ला क्लीनिक के डॉक्टरों ने एक और दिल्ली के मासूम को यह दवा देकर मौत और जिंदगी के बीच लड़ने के लिए मजबूर कर दिया है। मोहल्ला क्लीनिक भ्रष्टाचार व मौत के अड्डे बन गए हैं। हमारी मांग है कि लगातार बढ़ रहे इस तरह के मामलों में न्यायिक जांच हो और होने वाली लापरवाही के लिए सतेंद्र जैन को इस्तीफा देना चाहिए।

आज एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए श्री आदेश गुप्ता ने मोहल्ला क्लीनिक की लापरवाही की वजह से बच्चों एवं मासूमों को होने वाली तकलीफ पर दुख व्यक्त करते हुए कहा कि दिल्ली सरकार की स्वास्थ्य व्यवस्था की हकीकत पूरी दिल्ली जान चुकी है। जिस मोहल्ला क्लीनिक का प्रचार देश में ही नहीं बल्की विदेशों में भी केजरीवाल करते हैं, वह सिर्फ उनके प्रचार का अड्डा बना हुआ है। जबकि उन क्लीनिकों में पोस्टर नहीं स्वास्थ व्यवस्था की जरुरत है। उन्होंने कहा कि इन मोहल्ला क्लीनिकों में अयोग्य डॉक्टर, एक्सपायरी दवाईयां एवं मूलभूत सुविधाओं की भी कमी है। प्रेसवार्ता में प्रदेश उपाध्यक्ष श्री राजन तिवारी, भाजपा मीडिया प्रमुख श्री नवीन कुमार जिंदल, मीडिया सह-प्रमुख श्रीमती ममता काले एवं प्रदेश भाजपा चिकित्सक सेल के सह-प्रभारी डॉ. अनिल गोयल उपस्थित थे।

प्रदेश भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि पिछले सात सालों में 57 हज़ार करोड़ रुपये सिर्फ स्वास्थ व्यवस्था पर खर्च करने वाली केजरीवाल सरकार ने मोहल्ला क्लीनिक पर शुरुआती दौर में ही 1500 करोड़ रुपये खर्च किये लेकिन आज उसकी हालात बिल्कुल जर्जर हो चुकी है। अगर इन पैसों का प्रयोग दिल्ली के अस्पतालों के विकास पर लगाया गया होता तो आज प्रदेश की तस्वीर ही कुछ अलग होती। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार के डायरेक्टर जनरल हेल्थ सर्विसेज (DGHS) ने 7 दिसंबर को लिखे एक पत्र के माध्यम से दिल्ली सरकार के डीजीएचएस को निर्देश दिया है कि वह सभी मोहल्ला क्लीनिक और डिस्पेंसरी को नोटिस जारी कर बताए कि चार साल से कम उम्र के बच्चों के लिए डिस्ट्रोमेथोर्फन सिरप प्रिसक्राइब नहीं करें। आज दिल्ली के हर विभाग में सिर्फ भ्रष्टाचार और घोटाला हो रहा है। दिल्ली के कर दाताओं के पैसों का दुरुपयोग किया जा रहा है जिसका जवाब सरकार को देना पड़ेगा।

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