दिल्ली गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी चुनाव अब समय पर ही होंगे —सत्ताधारी दल शिरोमणि अकाली दल को बडा झटका

रिपोर्ट -बन्सी लाल

नई दिल्ली- दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के आम चुनाव अब समय पर होंगे। चुनाव को रोकने एवं व्यवधान डालने की हो रही कोशिशों को बडा झटका लगा है। लिहाजा अब पूरी संभावना है कि कमेटी के आम चुनाव निर्धारित सेडयूल 25 अप्रैल 2021 को हो सकते हैं। इसको लेकर दिल्ली हाईकोर्ट ने रास्ता साफ कर दिया है। दिल्ली हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश डीएन पटेल की पीठ ने मंगलवार को शिरोमणि अकाली दल (बादल) एवं दिल्ली कमेटी की याचिका को खारिज कर दिया है। अब गुरुद्वारा चुनाव निदेशालय अपने हिसाब से चुनाव की तारीखों का ऐलान कभी भी कर सकता है। यह जानकारी शिरोमणि अकाली दल(दिल्ली) के महासचिव गुरमीत सिंह शंटी ने पत्रकारों को दी है।

शंटी के मुताबिक कमेटी के आम चुनाव को रोकने के लिए सत्ताधारी दल शिरोमणि अकाली दल( बादल) ने अदालत याचिका डाली थी। याचिका के जरिये अकाली दल ने चुनाव के लिए नई वोटर लिस्ट फोटो युक्त बनाने की मांग की थी, जो वर्तमान हालात कोरोना काल में संभव नहीं था। जबकि दिल्ली सरकार ने अदालत को बताया था कि वह जनवरी 2020 में हुए दिल्ली विधानसभा के चुनावों वाली वोटर लिस्ट को रिवीजन करके चुनाव कराने को हम तैयार हैं। इसके लिए दिल्ली सरकार ने नये वोटरों को जोडने एवं बोगस वोट को हटाने के लिए बडा अभियान चलाया था। इसमें 18 साल की उम्र पूरी कर चुके सिख युवाओं को जोडा भी गया है। साथ ही पुरानी लिस्ट के हिसाब से जो लोग अपने निर्धारित पतों पर नहीं रहते हैं, उनके नाम भी काटे गए हैं। गुरुद्वारा चुनाव निदेशालय ने अपनी पूरी तैयारी ईमानदारी के साथ कर रहा है।

शिअद दिल्ली के महासचिव गुरमीत सिंह शंटी ने कहा कि दिल्ली हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश डीएन पटेल की पीठ ने मंगलवार को शिरोमणि अकाली दल एवं दिल्ली कमेटी की याचिका को खारिज कर दिया है। शंटी ने दावा किया कि दिल्ली कमेटी के अध्यक्ष मनजिंदर सिंह सिरसा एवं महासचिव हरमीत सिंह कालका नहीं चाहते थे कि गुरुद्वारा कमेटी का चुनाव समय पर हो। उनकी मंशा थी कि चुनाव लटक जाए और उन्हें कुछ दिन तक और गुरु की गोलक को लूटने का मौका मिल जाए। लेकिन अदालत ने उनके उम्मीदों पर पानी फेर दिया है।

शंटी के मुताबिक अब वह दिल्ली सरकार एवं गुरुद्वारा चुनाव निदेशायल के डायरेक्टर से मांग करेंगे की जल्द से जल्द चुनाव कराने की प्रक्रिया शुरू करें। साथ ही गुरुद्वारा में अब आगे कोई बडी गडबडी ना की जाए इसके लिए कमेटी के प्रबंधन एवं खर्चे पर लगाम लगाई जाए। शंटी ने दिल्ली सरकार से गुहार लगाई है कि चुनावी साल होने के चलते अधाधुंध की जा रही भर्तीयों एवं प्रमोशनों को भी रोका जाए, ताकि कमेटी प्रबंधन इसका गलत इस्तेमाल ना कर सकें। गुरमीत सिंह शंटी ने आरोप लगाया कि कमेटी प्रबंधन पिछले कुछ दिनों के भीतर कई गलत फैसले ली है, जिसका उनकी पार्टी सख्त विरोध करती है और सत्ता में आते हैं तो वह सभी फैसलों की जांच करवाएगी।   

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