दिल्ली के हर घर को आधुनिक सीवर लाइन से जोड़ने के लिए दिन-रात काम कर रही है केजरीवाल सरकार

रिपोर्ट :-नीरज अवस्थी

नई दिल्ली :-दिल्ली जल बोर्ड उपाध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने अधिकारियों को पूरी दिल्ली में सीवर लाइन बिछाने के काम में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। विधायक सौरभ भारद्वाज ने कहा कि दिल्ली के हर घर को आधुनिक सीवर लाइन से जोड़ने के लिए केजरीवाल सरकार दिन-रात काम कर रही है। बेहतर साफ-सफाई, सार्वजनिक स्वास्थ्य में सुधार लाने, पर्यावरण को बेहतर बनाने और यमुना नदी को साफ करने के लिए आधुनिक सीवर लाइनों का विस्तार आवश्यक है। 21वीं सदी में कोई भी घर ऐसा नहीं होना चाहिए जो सीवर नेटवर्क से जुड़ा न हो।

दिल्ली जल बोर्ड उपाध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने दिल्ली जल बोर्ड मुख्यालय में वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की। बैठक में उपाध्यक्ष ने राजधानी में आधुनिक सीवर लाइनों के नेटवर्क के विस्तार में तेज़ी लाने के सख्त निर्देश दिए। उपाध्यक्ष ने इस बात पर भी जोर दिया की सीवर लाइन के विस्तार के साथ साथ एसटीपी की क्षमता को भी बढ़ाना होगा, जिससे घरों से निकलने वाले गंदे पानी का सही ट्रीटमेंट हो सके और यमुना को जल्द पूरी तरह स्वच्छ बनाया जा सके।

दिल्ली में सीवर लाइन बिछाने की परियोजना को समय से पूरा करना केजरीवाल सरकार का प्राथमिक उद्देश्य बन गया है। सौरभ भारद्वाज ने कहा कि आधुनिक सीवेज नेटवर्क एक बुनियादी सुविधा है जो दिल्ली में रहने वाले प्रत्येक नागरिक को मिलनी चाहिए। इससे उनके जीवन स्तर में भी सुधार होगा और वे सामाजिक व आर्थिक लाभ के साथ पर्यावरण को भी बेहतर बना पाएंगे। 21वीं सदी में लोक कल्याण हित में कार्य करने वाली सरकार के रूप में हम यह स्वीकार नहीं कर सकते कि दिल्ली के किसी भी नागरिक के पास उचित सीवेज कनेक्शन न हो। उन्होंने कहा कि परियोजनाओं को तेजी से पूरा करने के लिए प्रक्रिया को और सरल बनाया जाना चाहिए।

डीजेबी उपाध्यक्ष ने अधिकारियों को उन क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित करने का भी निर्देश दिया, जिन्हें अभी तक आधुनिक सीवेज सिस्टम से जोड़ा जाना बाकी है। उन्होंने कहा कि यमुना किनारे बसे घरों और कॉलोनियों के खुले नालों को सीवर लाइन से जोड़कर उनसे निकलने वाले पानी की ट्रीटमेंट की जाए। 2025 तक यमुना नदी को साफ करने के केजरीवाल सरकार के उद्देश्य को पूरा करने के लिए सीवर लाइनों का विस्तार बहुत आवश्यक हैं। सीवर नेटवर्क के साथ घरों को जोड़ने से स्वच्छता को बढ़ावा मिलता है और लोगों का स्वास्थ्य अच्छा रहता है। घरों से निकलने वाला गंदा पानी अगर खुले नालों, सार्वजनिक स्थलों और पार्कों में नहीं जाता है तो इससे वहां के निवासियों, मुख्य रूप से महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों का स्वास्थ्य अच्छा रहता है।

उप-मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने हाल ही में की थी बैठक

विधायक सौरभ भारद्वाज ने कहा कि दिल्ली जल बोर्ड राष्ट्रीय राजधानी में सीवेज नेटवर्क के विस्तार में सहायता के लिए पूरी दिल्ली में एसटीपी को बढ़ाने और सीवर नेटवर्क को उनसे जोड़ने पर भी ध्यान केंद्रित कर रहा है। डीजेबी बिजवासन पूर्व, संगम विहार, देवली, दिचाऊं और शिकारपुर के क्षेत्रों में कई अनधिकृत कॉलोनियों और बस्तियों में नई सीवर लाइनें बिछा रहा है। दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने हाल में ही बोर्ड की एक महत्वपूर्ण बैठक की थी। जिसमें उनके साथ विधायक सौरभ भारद्वाज और दिल्ली जल बोर्ड के वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल थे। इस बैठक के दौरान उन्होंने बताया की डीजेबी अपशिष्ट जल को यमुना में जाने से रोकने और सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट में इसके ट्रीटमेंट के लिए दिल्ली की अनाधिकृत कॉलोनियों और गांवों में आधुनिक सीवेज नेटवर्क को विकसित करेगा।

दिल्ली की अनधिकृत कॉलोनियों और गांवों में नई सीवर लाइन बिछाने से लगभग 3 लाख लोगों को फायदा होगा

केजरीवाल सरकार ने बिजवासन की 6 अनाधिकृत कॉलोनियों और एक गांव में 26.5 किमी की सीवर लाइन बिछाने का फैसला लिया है। इससे करीब 50 हजार की आबादी को फायदा होगा। वहीं, 1.5 एमजीडी पानी को ट्रीट किया जा सकेगा। इसके अलावा नजफगढ़ में 82.79 किलोमीटर सीवर लाइन नेटवर्क बिछाया जाएगा। इसके तहत 21 अनधिकृत कॉलोनियों समेत 1 गांव की करीब 1 लाख 65 हजार आबादी को फायदा होगा, साथ ही 4.75 एमडीजी पानी को दिल्ली जल बोर्ड ट्रीट कर पाएगा। शिकारपुर में 17.25 किमी की सीवर लाइन बिछाई जाएगी, जिससे 20 हजार लोगों को लाभ मिलेगा। इसके अलावा देवली व संगम विहार की 12 अनाधिकृत कॉलोनियों में 35 किमी सीवर लाइन और बुराड़ी में 24 किमी की सीवर लाइन बिछाई जाएगी। इसे यहां रहने वाले 30 हजार लोगों को लाभ मिलेगा। उप-मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने बताया कि सीवर लाइन बिछने के बाद क्षेत्र के करीब 3 लाख निवासियों को लाभ होगा। वर्तमान में इन क्षेत्रों में उत्पन्न सभी सीवेज को स्थानीय तालाब, सेप्टिक टैंक और स्टॉर्मवाटर ड्रेन में छोड़ा जाता है। ऐसे में अनधिकृत कॉलोनियों और 4 गांव में सीवर लाइन बिछाने के बाद 8.25 एमडीजी पानी को ट्रीट करने में मदद मिलेगी और यमुना में केवल साफ पानी ही पहुंचेगा।

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