डीआरएम जोधपुर गीतिका पाडेय की मेहनत रग लाई औधोगिक नगरी बाड़मेर के लिए

रिपोर्ट :- नीरज अवस्थी

नई दिल्ली ,देश की पश्चिमी छोर पर स्थित भारत पाकिस्तानी सरहदी इलाके बाड़मेर जिले में जनता जनार्दन की मांग पर लम्बी दूरी की रेलगाड़ियों ओर जिले में रेल्वे सुविधाओं के लिए सार्थक प्रयासों का नतीजा यह रहा की देशभर के दो तीन दर्जन से ज्यादा सांसदों द्वारा बाड़मेर जिले की रेलगाड़ियों से सम्बंधित पैरवी करने के लिए रेलमंत्रालय में जुटे हुए थे और रेलमंत्री अश्वनी वैष्णव ने भारतीय सेना के जवानों और प्रवासी राजस्थानियों को आवागमन करने के दौरान होने वाली परेशानियों को महसूस करने के साथ ही बाड़मेर जिले के लोगों की मांग को देखकर रेलगाड़ियों से लबालब कर दिया है सिवाय दक्षिण भारत की रेलगाड़ियों को छोड़कर बाक़ी सब शानदार हैं।

देश का औद्योगिक, रिफाइनरी हब अबूधाबी, दुबई बनने वाले बाड़मेर जिले में मौजूदा रेलगाड़ियों की कमियों को देखते हुए बाड़मेर जिला मुख्यालय पर जर्नलिस्ट काउंसिल आफ इडिया की सलाहकार समिति के सदस्य वरिष्ठ पत्रकार राजू चारण ने अपने स्तर पर देशभर के लगभग दस बारह दर्जन से ज्यादा सांसदों को समय-समय पर लम्बी दूरी की रेलगाड़ियों को शुरू करने के लिए ओर तरूण विजय
अध्यक्ष राष्ट्रीय संस्मारक प्राधिकरण ओर राज्य सभा सदस्य के लगातार सम्पर्क में रहकर सुझाव भेजें थे। लगभग दो तीन दर्जन से ज्यादा सांसदों ने रेल्वे मंत्री और रेलमंत्रालय तक समय समय पर अवगत करवाया और जल्दी से जल्दी बहुप्रतीक्षित रेलगाड़ियों का विस्तार या शुरू करवाने में रेलमंत्री अश्वनी वैष्णव द्वारा सहयोग का आश्वासन दिया गया था और इसके परिणाम आपके सामने मौजूद है ।

चारण के सुझावों में मुख्यत जोधपुर दिल्ली मंडोर सुपरफास्ट एक्सप्रेस का विस्तार बाड़मेर तक किया जावे अथवा बाड़मेर जम्मूतवी रेलगाड़ी शालीमार एक्सप्रेस को बाड़मेर से ही प्रतिदिन शाम को चलाया जाए जिसके लिए रेंक की कोई आवश्यकता नहीं थी लेकिन रेलमंत्री अश्वनी वैष्णव द्वारा दिल्ली के लिए नयी रेलगाड़ी की स्वीकृति देकर बाड़मेर जिले को अनोखी सौगात दी है ।

भाजपा प्रवक्ता प्रेम शुक्ल द्वारा समय समय पर मुम्बई से बाड़मेर रेलगाड़ी शुरू करने के प्रयासों से ही बाड़मेर बांद्रा टर्मिनल वाया समदड़ी-भीलड़ी रेल मार्ग पर शुरू किया गया था ओर बान्द्रा टर्मिनल बाड़मेर रेलगाड़ी प्रतिदिन चलाई जानी चाहिए यह मांग लंबे समय से क्षेत्रवासियों द्वारा की जा रही है लेकिन सप्ताह में दो बार चलने की स्वीकृति जल्दी ही मिलेगी।

बाड़मेर से यशवंतपुरम का विस्तार कोयंबटूर तक किया जाए वाया ईरोड के रास्ते से जो आसानी से हो सकता है इसमें कोई रेक व समय की कमी नही है। बाड़मेर से चेन्नई नई रेल वाया अहमदाबाद सिकंदराबाद साप्ताहिक चलाई जाए, बाड़मेर बालोतरा जालौर प्रवासी राजस्थानियों जो हैदराबाद तथा चेन्नई रहते हैं उनकी समस्याओं का समाधान होगा जिसके लिए एक रेक की ही आवश्यकता होगी अथवा अहमदाबाद चेन्नई सप्ताहिक ट्रेन का विस्तार बाड़मेर रेल्वे स्टेशन तक किया जाए‌।

जोधपुर से मन्नारगुडी एक्सप्रेस ओर पूरी एक्सप्रेस का विस्तार बाड़मेर तक किया जाना चाहिए यह ट्रेन चौबीस घंटे तक जोधपुर रेल्वे स्टेशन पर खड़ी रहती है और इसका प्रस्ताव रेल मंत्रालय भेजा गया है और स्वीकृति मिलने पर बाड़मेर वासियों को कोटा रेलमार्ग सहित मारवाड़ी में कहावत है कि “सब तीर्थ बार बार और गगा सागर जीवन में एक बार” पूरी गंगासागर तक की यात्रा श्रृद्धांलुओं के लिए
आसान हो जाएगी।

कलकत्ता निवासी जागरूक रेलयात्री अनिल कुमार खट्टर ने बताया कि अहमदाबाद का शेखावाटी क्षेत्र से कोई जुड़ाव नहीं है‌।सालासर एक्सप्रेस जो कि जोधपुर से दिल्ली के लिए चलती है उसका विस्तार अहमदाबाद तक किया जाना चाहिए जिसके लिए कोई भी रैक और अलग से टाइम टेबल की जरूरत नहीं है और आसानी से अहमदाबाद तक विस्तारित हो सकती है यह रेलगाड़ी चूरू सादुलपुर के रास्ते दिल्ली तक हमेशा चलती है‌।

बाड़मेर रेलगाड़ी लाओ सघर्ष समिति के गणपत मालू, नेमी चन्द छाजेड ने बताया कि अजमेर आगरा फोर्ट सुपरफास्ट का विस्तार बाड़मेर तक किया जाए जिससे बाड़मेर वासियों की पाली व अजमेर, जयपुर, दौसा, भरतपुर से सीधे ही कनेक्टिविटी हो जाएगी। वर्तमान समय में बाड़मेर में रेल्वे सेवाओं में वृद्धि के लिए एक वॉशिंग लाइन की आवश्यकता है क्योंकि वर्तमान समय में सिर्फ 6 या 7 स्लॉट सप्ताहिक खाली है इसी के साथ-साथ रिफाइनरी प्रोजेक्ट ओर अन्य खनिज संपदाओं के भविष्य को देखते हुए बाड़मेर रेल्वे स्टेशन के यार्ड का विस्तार भी किया जाए‌।

चारण के बताया कि दक्षिण भारतीय हमारे भारतीय सेना के जवानों को सरहद की सुरक्षा में तैनात किया जाता है और उनके घर परिवारों को आने जाने में होने वाली परेशानियों को देखते हुए दक्षिण भारत के किसी भी हिस्से से बाड़मेर जिला मुख्यालय तक कोई भी लम्बी दूरी की रेलगाड़ियों को शुरू किया जाएं।

वरिष्ठ नेता शशि थरूर सासंद त्रिवेन्द्रम ने बताया कि देश के आखिरी छोर पर स्थित कन्याकुमारी से थार रेगिस्तानी इलाके बाड़मेर तक वाया त्रिवेंद्रम, अहमदाबाद, समदड़ी-भीलड़ी रेल मार्ग पर रेलगाड़ी शुरू करने के लिए पूर्व रेलमंत्री को पत्र लिखा गया था, पूर्व रेलमंत्री पियुष गोयल द्वारा इस सम्बन्ध में आश्वासन दिया गया था और वहां से जल्दी ही बाड़मेर जिले के लोगों के साथ ही भारतीय सेना के जवानों को आवागमन करने में सहूलियत होना था लेकिन रेलमंत्री पियुष गोयल का बदली हो गया इस सम्बन्ध में दुबारा रेलमंत्री अश्वनी वैष्णव से मुलाकात करेंगे ताकि भारतीय सेना के जवानों को आवागमन करने में राहत मिलेगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

one × 4 =