कोविड के बढ़ते मामलों को देख, पंजाब की यात्रा रद्द कर सर्वदलीय बैठक बुलाये मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल – चौ. अनिल कुमार

रिपोर्ट :- नीरज अवस्थी

नई दिल्ली – दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष चौ0 अनिल कुमार ने कहा कि दिल्ली के मुख्यमंत्री कोविड काल के शुरुआती दौर से ही गैर जिम्मेदाराना रवैया अपनाते रहे है और राजधानी को कोविड के बढ़ते संकट में भगवान भरोसे छोड़कर केजरीवाल नव वर्ष तक पंजाब में रहकर चुनावी सभाओं को सम्बोधित करेंगे। चौ0 अनिल कुमार ने दिल्ली में संक्रमण दर 0.89 प्रतिशत पहुॅचने के बाद लगे येलो अलर्ट के बाद उत्पन्न हुई चिंताजनक परिस्थितियों पर चर्चा करने के लिए मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल से तुरंत प्रभाव से सर्वदलिय बैठक बुलाने की मांग की। चौ0 अनिल कुमार ने मुख्यमंत्री से पूछा कि केजरीवाल किसके सहारे दिल्ली को छोड़ पंजाब जा रहे है, संकट में बिगड़ती स्थिति की किसकी जवाबदेही होगी।

प्रदेश कार्यालय में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में प्रदेश अध्यक्ष चौ0 अनिल कुमार के अलावा डाक्टर सेल के चैयरमेन डा0 प्रवीण कुमार और वाईस चैयरमेन डा0 विवेक शामा, डा0 नरेश कुमार, परवेज आलम और अनुज आत्रेय मौजूद थे।

चौ0 अनिल कुमार ने कहा कि समय रहते केजरीवाल परिस्थिति की गंभीरता को लेते हुए तुरंत स्वास्थ्य व्यवस्था को दुरस्त करने की दिशा में कदम उठाए, क्योंकि येलो अलर्ट के बाद ट्रांसपोर्ट 50 प्रतिशत क्षमता के बाद बस स्टेंड और मेट्रो के बाहर लम्बी लाईन लगनी शुरु हो गई है। उन्होंने कहा कि अगर अगले दिनों में संक्रमण दर 1 प्रतिशत से अधिक होती है तो स्थिति गंभीर होगी और हालात नियंत्रण के बाहर होने की संभावना है।

चौ0 अनिल कुमार ने कहा कि भाजपा की केन्द्र सरकार द्वारा गैरजिम्मेदाना रवैये के कारण डाक्टरों के अधिकारों को नजरअंदाज करने का ही नतीजा है कि स्वास्थ्य रक्षक डाक्टरों को अपने हक की लड़ाई लड़ने के लिए सड़कों पर आने को मजबूर होना पड़ा। कोविड काल में डाक्टरों पर फूल बरसाने वाले प्रधानमंत्री मोदी की सरकार के इशारे पर पुलिस बर्बरता पूर्वक शांति पूर्ण तरीके विरोध जता रहे डाक्टरों पर लाठी बरसाकर और में बेबुनियाद धाराओं के तहत एफआईआर तक दर्ज की गई है। चौ0 अनिल कुमार ने कहा डाक्टरों पर पुलिस के बर्बरतापूर्ण कार्यवाही और अत्याचार की कांग्रेस पार्टी निंदा करती है और केन्द्र सरकार से मांग करती है कि एक साल से लम्बित पड़ी PG Counselling को तुरंत प्रभाव से करके समस्या का निवारण किया जाए।

चौ0 अनिल कुमार ने कहा कि केन्द्र और दिल्ली की सरकार के तानाशाही रवैये ने हमेशा विपक्ष की आवाज को अनसुना किया है चाहे किसान का मुद्दा हो या डाक्टरों की कॉउसलिंग का मामला। उन्होंने कहा कि किसानों का आंदोलन हो या डाक्टरों के अधिकारों की लड़ाई, हमारे नेता राहुल गांधी जी के हस्तक्षेप करने के बाद ही सरकारों ने कार्यवाही की है। उन्होंने कहा कि नींद से जागे मुख्यमंत्री केजरीवाल ने डाक्टरों की हड़ताल पर राहुल गांधी जी के ट्वीट के बाद औपचारिकता पूर्वक प्रधानमंत्री को पत्र लिखा। चौ0 अनिल कुमार ने कहा कि दिल्ली का मुखिया होने के नाते केजरीवाल को प्रधानमंत्री और गृहमंत्री से मिलकर स्थिति का हल निकालना चाहिए ताकि दिल्ली के अस्पतालों में खाली पड़े डाक्टरों के 487 पद भरे जा सकें।

चौ0 अनिल कुमार ने मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल से मांग की कि दिल्ली सरकार का कानून विभाग डाक्टरों पर दर्ज हुए मुकद्मों को रद्द करने के लिए पहल करे और यदि आवश्यकता पड़े तो माननीय उपराज्यपाल से बात करें। जिन डाक्टरों ने महामारी में अपनी जान को जोखिम में डालकर सेवाऐं दी है, उनका अपमान नही बल्कि सम्मान होना चाहिए।

डाक्टर सेल चैयरमेन डा0 प्रवीण कुमार व वाईस चैयरमेन डा0 विवेक शामा ने कहा कि यह चिंताजनक है कि लोगों की सेवा करने वाले डाक्टर अपने अधिकारों के लिए स्वास्थ्य मंत्री से मिलना चाहते थे परंतु शांति पूर्ण तरीके से अपनी बात रख रहे डाक्टरों पर पुलिस ने बर्बतापूर्ण लाठी चार्ज करके उन पर अत्याचार किऐ। उन्होंने कहा कि डाक्टरों के 42,000 पद खाली है और वर्तमान में कोविड संकट में डाक्टर एक तिहाई क्षमता पर काम कर रहे है। उन्होंने कहा कि सरकार को कोविड संकट के हालात को देखते हुए परिस्थितियों का हल निकालना चाहिए और एक साल से घर बैठे डॉक्टरों की काउॅसलिंग करके तुरंत समस्या का निपटारा किया जाए।

चौ0 अनिल कुमार ने कहा कि चौ0 अनिल कुमार ने राजधानी में कोविड संक्रमण दर में 0.89 प्रतिशत के पश्चात दिल्ली सरकार GRAP (Graded Response Action Plan) लागू करके सरकार स्कूल, कॉलेज, सिनेमा हॉल, जिम सब बंद करने और प्राईवेट आफिस, मेट्रो और बस को आधी क्षमता की घोषणा कर दी है जिसके बाद सबसे अधिक मजदूर वर्ग, ऑटो, ई-रिक्शा चालक सहित साप्ताहिक बाजार, मॉल, छोटे व्यापारी सबसे अधिक प्रभावित होंगे। उन्होंने कहा कि कोविड की चिंताजनक स्थिति में मुख्यमंत्री अरविन्द को GRAP (Graded Response Action Plan) की तर्ज GRAP (Graded Relief Announcement Plan) को लागू करके प्रभावित होने वाले अलग-अलग वर्ग के लोगों को दिल्ली सरकार तुरंत प्रभाव से 10 हजार रुपये देने का आर्थिक सहायता देने के लिए राहत पैकेज की घोषणा करें।

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