कोरोना से घबराने और डरने की जरूरत नहीं, इस बार ‘आप’की सरकार 10 गुना ज्यादा तैयार- अरविंद केजरीवाल

रिपोर्ट :- नीरज अवस्थी

नई दिल्ली :-मुख्यमंत्री श्री अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली में बढ़ते कोरोना के मामलों को लेकर दिल्ली वासियों से आश्वस्त करते हुए कहा कि कोरोना से घबराने और डरने की जरूरत नहीं है। इस बार कोरोना से निपटने के लिए ‘आप’की सरकार 10 गुना ज्यादा तैयार है। ओमिक्रॉन के अधिकांश केस माइल्ड और एसिम्प्टोमैटिक हैं। अधिकतर मामलों में प्रभावित लोगों को अस्पताल जाने की जरूरत नहीं पड़ रही है और न तो ऑक्सीजन, आईसीयू व वेंटिलेटर की जरूरत पड़ रही है। दिल्ली में पिछले एक महीने के अंदर ओमिक्रॉन के केस बढ़ने पर भी ऑक्सीजन, वेंटिलेटर और आईसीयू की जरूरत में वृद्धि नहीं हुई है। ओमिक्रॉन से प्रभावित लोग घर के अंदर ही ठीक हो रहे हैं। इसलिए चिंता करने की जरूरत नहीं है, बल्कि जिम्मेदार बनने की जरूरत है। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि दिल्ली में कोरोना का संक्रमण दर 0.50 फीसद से ज्यादा है। इसलिए ग्रेडेड एक्शन प्लान के लेवल वन के तहत कुछ पाबंदियां लगा रहे हैं। सभी से अपील है कि इन पाबंदियों का कड़ाई से पालन करें। घर से बाहर मास्क जरूर पहन कर निकलें। मार्केट में भीड़ न करें, सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करें और बार-बार हाथ धोते रहें।

सभी से अपील, मार्केट, दफ्तर या घर से बाहर निकलें, तो मास्क जरूर पहनें- अरविंद केजरीवाल

मुख्यमंत्री श्री अरविंद केजरीवाल ने कोरोना के ओमिक्रॉन वेरिएंट के बढ़ते मामलों को लेकर आज डिजिटल प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा कि पिछले कुछ दिनों से कोरोना के केस बढ़ने लगे हैं। देश भर में भी केस बढ़ रहे हैं और दिल्ली में काफी तेजी के साथ मामले बढ़ रहे हैं। लेकिन अच्छी बात यह है कि घबराने की जरूरत नहीं है। इस बार डरने की जरूरत बिल्कुल भी नहीं है, क्योंकि जो मामले बढ़ रहे हैं, उसमें अधिकांश माइल्ड हैं या एसिम्प्टोमैटिक हैं। अधिकतर मामलों में न तो अस्पताल जाने की जरूरत पड़ रही है, न ऑक्सीजन की जरूरत पड़ रही है, न आईसीयू और वेंटिलेटर की जरूरत पड़ रही है। ओमिक्रॉन के बहुत सारे मामले बहुत ही माइल्ड और एसिम्प्टोमैटिक मामले हैं। इसलिए घबराने की जरूरत नहीं है। पहली चीज कि मामले बहुत कमजोर और माइल्ड हैं। दूसरी चीज यह है कि इस बार कोरोना के मामलों से निपटने के लिए ‘आप’की सरकार 10 गुना और ज्यादा तैयार है। लेकिन फिर भी हम नहीं चाहते हैं कि आपको बुखार भी हो या किसी भी तरह का कोरोना हो और दिल्ली में कोरोना फैले। इसलिए हम बार-बार आपसे अपील कर रहे हैं कि आप मार्केट, दफ्तर या घर से बाहर निकलें, तो मास्क जरूर पहन कर रखें। हमें जिम्मेदार बनना है, लेकिन डरना नहीं है। मार्केट और मॉल्स के अंदर इतनी भीड़ है, उसकी वीडियो और तश्वीरें आती हैं, तो यह देखकर थोड़ा दुख होता है। किसी ने भी मास्क नहीं पहन रखा है। अगर आप अपना ख्याल नहीं रखेंगे, तो फिर कौन रखेगा? हम भी जितनी कड़ाई कर रहे हैं, वो भी इसीलिए कर रहे हैं, क्योंकि हम नहीं चाहते हैं कि आपके घर में कोरोना आए।

कोरोना का संक्रमण दर बढ़ने पर उठाए जाने वाले कदमों को लेकर हमने ग्रेडेड एक्शन प्लान बनाया है- अरविंद केजरीवाल

मुख्यमंत्री श्री अरविंद केजरीवाल ने आगे कहा कि अभी कुछ महीने पहले हमने एक ग्रेडेड एक्शन प्लान बनाया था। मतलब यह कि कोरोना कितना प्रतिशत हो जाएगा, तो हम क्या-क्या चीजें बंद करेंगे। यह इसलिए बनाया था, ताकि हर बार रोज बैठ कर देखना न पड़े कि यह बंद करें या न करें। हमें वैज्ञानिक तौर पर यह पता रहे कि कितना करोना हो जाएगा, क्या बंद करें और कितना कोरोना होगा, तो और क्या बंद कर देंगे। प्लान में हमने लिखा था कि 0.50 फीसद से अधिक कोरोना का संक्रमण दर (पॉजिटीविटी रेट) दो दिन लगातार रहेगा, तो ऐसे हालात के अंदर यलो लेवल आ जा जाएगा, यानि लेवल-वन आ जाएगा। इसके तहत हम कुछ-कुछ चीजों को बंद करेंगे। दिल्ली में कोरोना का संक्रमण दर पिछले दो-तीन से 0.50 फीसद से ज्यादा चल रहा है। इसलिए ग्रेडेड एक्शन प्लान के लेवल वन को लागू करने का निर्णय लिया गया है और दिल्ली में कुछ चीजों के उपर पाबंदियां लगाई जा रही हैं।

मार्केट में भीड़ न करें, भीड़ बढ़ने पर मार्केट बंद करने पड़ेंगे, इससे लोगों की रोजी-रोटी जाती है- अरविंद केजरीवाल

मुख्यमंत्री श्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि यह पाबंदिया आप के लिए लगाई जा रही हैं। मैं जानता हूं कि आप सब लोग कोरोना से अब थक चुके हैं। कोरोना को दो साल हो गए हैं और इन दो सालों में इतनी बार पाबंदियां लगीं कि आप सब लोग थक चुके हैं, लेकिन क्या करें? यह जरूरत है। आपकी सेहत जरूरी है, आपकी जिंदगी जरूरी है। इसीलिए यह पाबंदियां लगाई जा रही हैं। मेरी हाथ जोड़कर आप सभी लोगों से विनती है कि आप सब लोग इन पाबंदियों का जरूर पालन करेंगे। यह कोरोना बहुत ही माइल्ड है। हमने पिछले एक महीने का डेटा देखा है। दिल्ली में पिछले एक महीने के अंदर न तो ऑक्सीजन की खपत बढ़ी है, न तो वेंटिलेटर की ज्यादा जरूरत पड़ रही है, न ही आईसीयू के अंदर ज्यादा लोगों को जाने की जरूरत पड़ रही है। इससे यह जाहिर है कि जो लोग ओमिक्रॉन से प्रभावित हो रहे हैं, वे लोग अपने आप ही घर के अंदर ठीक होते जा रहे हैं। इसलिए चिंता करने की जरूरत नहीं है, जिम्मेदार बनने की जरूरत है। सीएम श्री अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली वासियों को आश्वस्त करते हुए कहा कि मैं व्यक्तिगत तौर स्थिति पर एक-एक मिनट नजर रखे हुए हूं। मैं समय-समय पर आपके साथ बात करता रहूंगा। अगर कुछ भी खतरे और चिंता की बात होगी, सबसे पहले मैं आप लोगों को बताउंगा। लेकिन अभी बिल्कुल भी चिंता की बात नहीं है। लेकिन जिम्मेदारी के साथ काम लेना है। यह तश्वीरें नहीं आनी चाहिए कि मार्केट के अंदर इतनी भीड़ लग रही है। फिर हमें मार्केट बंद करने पड़ेंगे, जो अच्छी चीज नहीं है। इससे लोगों की रोजी-रोटी जाती है। हम चाहते हैं कि आप घर से बाहर निकलें, तो मास्क पहन कर निकलें, भीड़ न करें, सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करें और बार-बार हाथ धोते रहें।

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