केजरीवाल सरकार ने इलेक्ट्रिक ऑटो की खरीद और पंजीकरण के लिए ऑनलाइन पोर्टल किया लॉन्च

रिपोर्ट :- नीरज अवस्थी

नई दिल्ली:-दिल्ली सरकार ने आज अपनी इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) नीति के तहत इलेक्ट्रिक ऑटो रिक्शा (ई-ऑटो) की खरीद के लिए ऋण पर 5% ब्याज सबवेंशन प्रदान करने के लिए ‘माई ईवी पोर्टल’ लॉन्च किया। इस वेबसाइट को दिल्ली सरकार ने कन्वर्जेंस एनर्जी सर्विसेज लिमिटेड (सीईएसएल) के सहयोग से विकसित किया है। उल्लेखनीय है की हाल ही में दिल्ली परिवहन विभाग ने सीईएसएल के साथ इलेक्ट्रिक ऑटो के स्वामित्व की कुल लागत को कम करने के लिए ब्याज सबवेंशन प्रदान करने के लिए एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए थे।

‘माई ईवी पोर्टल’ एक ऑनलाइन पोर्टल है जो एलओआई धारकों को ई-ऑटो खरीदने और दिल्ली सरकार द्वारा प्रदान किए जा रहे प्रोत्साहनों का फायदा उठाने में सक्षम बनाएगा। महिलाओं के लिए 33 फीसदी आरक्षण के साथ ई-ऑटो के लिए कुल 4,261 एलओआई दिए गए हैं । दिल्ली सरकार के परिवहन विभाग की वेबसाइट पर ऑनलाइन पोर्टल को सभी उपयोगकर्ताओं के लिए सुलभ बना दिया गया है। ईवी की खरीद पर ऋण पर 5% ब्याज सबवेंशन दिल्ली ईवी नीति के तहत 30,000 रुपये के लागू खरीद प्रोत्साहन और 7,500 रुपये तक के स्क्रैपिंग प्रोत्साहन के अतिरिक्त है। इस योजना के माध्यम से, एक इलेक्ट्रिक ऑटो उपभोक्ता 25,000 रुपये तक का अतिरिक्त लाभ उठा सकेंगे।

माई ईवी पोर्टल (https://www.myev.org.in/) इलेक्ट्रिक ऑटो की खरीद और वित्तपोषण के लिए सिंगल विंडो के रूप में कार्य करेगा। दिल्ली इलेक्ट्रिक वाहनों पर ब्याज सबवेंशन प्रदान करने वाला पहला राज्य है। हालाँकि यह योजना वर्तमान में इलेक्ट्रिक ऑटो के लिए चालू है, लेकिन जल्द ही यह दिल्ली में लिथियम-आयन-आधारित ई-रिक्शा, ई-कार्ट और इलेक्ट्रिक लाइट गुड्स व्हीकल्स पर भी उपलब्ध होगी।

दिल्ली सरकार अगस्त 2020 में अपनी महत्वाकांक्षी ईवी नीति के शुभारंभ के बाद से, इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री को बढ़ावा देने और प्रोत्साहित करने के लिए लगातार काम कर रही है। पिछले कुछ महीनों में, इलेक्ट्रिक वाहनों ने दिल्ली में कुल वाहनों की बिक्री में 10% से अधिक का योगदान दिया है। अगस्त 2020 में दिल्ली ईवी नीति की घोषणा के बाद से 38,000 से अधिक इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री के बावजूद आकर्षक फाइनेंसिंग विकल्पों तक पहुंच अभी भी प्रमुख बाधाओं में से एक है।

इन बाधाओं को दूर करने और खरीदारों के लिए इसे और अधिक किफायती बनाने के लिए, परिवहन विभाग ने सीईएसएल के साथ भागीदारी की है जो केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र की इकाइयों (सीपीएसयू) के स्वामित्व वाली एनर्जी एफिशिएंसी सर्विसेज लिमिटेड (ईईएसएल) की सहायक कंपनी है। इस साझेदारी के तहत, सीईएसएल ने 6 वित्तीय संस्थानों (एफआई) – महिंद्रा फाइनेंस, अकासा फाइनेंस, मन्नापुरम फाइनेंस, रेवफिन और पर्स्ट लोन को एक खुली और पारदर्शी प्रक्रिया के माध्यम से आकर्षक शर्तों पर इलेक्ट्रिक वाहनों को ऋण प्रदान करने के लिए सूचीबद्ध किया है।

इस पैनल के माध्यम से, वित्तीय संस्थाएं ऋण अवधि के लिए न्यूनतम 80% लोन-टू-लोन (एलटीवी) के साथ अधिकतम 20% (ब्याज सबवेंशन सहित) की ब्याज दरों पर ऋण प्रदान करेंगी जो कि उपभोक्ता के सर्वोत्तम हित में है। .उदाहरण के लिए, यदि अनिवार्य अधिकतम ब्याज दर 20% है, तो सीईएसएल द्वारा सूचीबद्ध वित्तीय संस्थानों (एफआई) से अपेक्षा की जाती है कि वे उपभोक्ता को 15% से अधिक ब्याज दर चार्ज नहीं करेंगे। भविष्य में नए वित्तीय संस्थानों, अनुसूचित बैंकों और एनबीएफसी के लिए इम्पैनलमेंट की प्रक्रिया को खुला रखा जाएगा।

दिल्ली के परिवहन मंत्री कैलाश गहलोत ने एक बयान में कहा, “मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के दूरदर्शी नेतृत्व में, हमने दिल्लीवासियों से जो वादा किया था, उसे पूरा किया। सीईएसएल द्वारा डेवलप इस ऑनलाइन पोर्टल पर लोगों को विभिन्न स्वीकृत वाहन विकल्प चुनने का अवसर मिलेगा और यह सुनिश्चित करने में भी मदद होगी कि वे एक सहज स्वचालित चैनल के माध्यम से अपने ऋण पर ब्याज सबवेंशन प्राप्त करें। इलेक्ट्रिक वाहन अपनाना अब और भी किफायती हो गया है।

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