केंद्रीय कृषि मंत्री बोले: तीन कृषि कानूनों को रद्द करने के अलावा मानेंगे कोई भी मांग

रिपोर्ट :- दौलत शर्मा

नई दिल्ली :-केंद्र और प्रदर्शनकारी किसान यूनियनों के बीच महत्वपूर्ण बातचीत से पहले हजारों किसानों ने गुरुवार को सिंघू, टिकरी और गाजीपुर सीमाओं के विरोध स्थलों से ट्रैक्टर मार्च निकाले और भारी पुलिस तैनाती के बीच तीन कृषि कानूनों के खिलाफ हरियाणा के रेवासा में प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारी किसान यूनियनों के अनुसार, यह उनकी प्रस्तावित 26 जनवरी की ट्रैक्टर परेड के लिए सिर्फ एक “पूर्वाभ्यास” है जो हरियाणा, पंजाब और उत्तर प्रदेश के विभिन्न हिस्सों से राष्ट्रीय राजधानी में स्थानांतरित होगा।

लेकिन हम आपको बता दे कि केंद्र और प्रदर्शनकारी किसान यूनियनों के बीच महत्वपूर्ण बातचीत के पहले, केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा है कि सरकार तीन कृषि कानूनों के निरसन के अलावा किसी भी प्रस्ताव पर विचार करने के लिए तैयार है, तोमर ने 8 जनवरी की बैठक के संभावित परिणाम के बारे में पूछे जाने पर संवाददाताओं से कहा, “मैं अभी कुछ नहीं कह सकता। यह इस बात पर निर्भर करता है कि बैठक में चर्चा के लिए क्या मुद्दे आएंगे।

हालांकि हम आपको बता दे की केंद्र और 40 प्रदर्शनकारी नेताओं के बीच पिछले 7 दौरे की बातचीत हो चुकी है जिससे अब तक कोई हल नहीं मिला है लेकिन 30 दिसंबर की बैठक में कुछ सफलता हासिल हुई जब सरकार ने बिजली सब्सिडी और स्टबल बर्निंग से संबंधित मांगो को मान लिया।

साथ ही इसपर कृषि राज्य मंत्री , कैलाश चौधरी ने कहा की नए कृषि कानून किसानो को स्वतंत्रता देते है और ये तो सिर्फ शुरुआत है क्योंकि सरकार इसके बाद जल्द से जल्द मौजूदा लॉगजम को समाप्त करने की कोशिश करेगी और फिर जल्द ही इसके बाद कीटनाशक बिल और बीज बिल भी आएगा।

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