कस्तूरबा नगर सामूहिक बलात्कार मामले में दिल्ली पुलिस ने करा एसआईटी का गठन; डीसीडब्ल्यू प्रमुख स्वाति मालीवाल ने दिल्ली पुलिस को तलब कर पीड़िता को तत्काल सुरक्षा देने की करी मांग

रिपोर्ट :- नीरज अवस्थी

नई दिल्ली :-डीसीडब्ल्यू अध्यक्षा स्वाति मालीवाल ने बुधवार को कस्तूरबा नगर गैंग रेप मामले में दिल्ली पुलिस को तलब कर पीड़िता और उसके परिवार को तत्काल सुरक्षा देने की मांग की। आयोग को इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना की सूचना पिछले हफ्ते दी गई थी जब दिल्ली के कस्तूरबा नगर इलाके में एक 20 वर्षीय लड़की का अपहरण कर सामूहिक बलात्कार किया गया ,जिसके उपरांत अपराधियो ने पूरे मोहल्ले में पीड़िता को मुंह पर कालिख पोत और गले में जूतों का हार पहना कर घुमाया और मारपीट की थी। पीड़िता द्वारा ये भी पता चला था की इस शर्मनाक घटना और दरिंदगी को अंजाम देने वाले अपराधी अवैध शराब और ड्रग्स का धंधा चलाते हैं। घटना के तुरंत बाद ही सुश्री मालीवाल ने इस मामले में दिल्ली पुलिस को नोटिस जारी कर पीड़िता को तत्काल सुरक्षा देने और इस दरिंदगी भरे कृत्य में शामिल सभी लोगों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की थी। जवाब में दिल्ली पुलिस ने नाबालिगों समेत 12 आरोपियों को गिरफ्तार किया और मामले की आगे जांच के लिए एसआईटी का गठन किया है। लेकिन पीड़िता और उसके परिवार की सुरक्षा के लिए किए जा रहे उपायों का ब्योरा दिल्ली पुलिस द्वारा आयोग अभी तक प्रदान नहीं किया गया है।

इसके अलावा आयोग ने पुलिस से पूरी घटना का सीसीटीवी फुटेज भी मांगा था जो भी आयोग को उपलब्ध नहीं कराया गया है। पीड़िता को तुरंत मदद पोहुचाने हेतु सुश्री मालीवाल ने उससे मुलाकात करी जिसमें पीड़िता ने आरोपियों की आपराधिक पृष्ठभूमि को देखते हुए अपनी और अपने परिवार वालों के जीवन के लिए खतरा व्यक्त किया। यही नहीं बल्कि हाल ही में पीड़िता की छोटी बहन को भी प्रताड़ित किया गया जिस मामले में पुलिस ने एफआइआर भी दर्ज करी।

ये सब देखते हुए एवं पीड़िता और उसके परिवार की सुरक्षा को मध्य नज़र रखते हुए डीसीडब्ल्यू प्रमुख स्वाति मालीवाल ने बुधवार को दिल्ली पुलिस को समन जारी कर पीड़िता और उसके परिवार को जल्द से जल्द सुरक्षा देने की मांग करी। आयोग ने दिल्ली पुलिस से पीड़िता और उसके परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उठाए जा रहे कदमों पर प्रकाश डालने और उसे ‘सुरक्षित घर’ उपलब्ध कराने के लिए एक तंत्र तैयार करने को भी कहा ।

अंततः आयोग ने दिल्ली पुलिस को 48 घंटों को समय देते हुए पीड़िता और उसके परिवार की सुरक्षा के लिए किए जा रहे इंतजामों की विस्तृत रिपोर्ट समेत आयोग के समक्ष पेश होने के लिए कहा है। दिल्ली पुलिस से ये भी कहा गया है कि वह इस मामले में गिरफ्तार किए गए 12 आरोपियों के खिलाफ उनके अवैध शराब तथा नशीले पदार्थों के व्यवसाय में संलिप्तता के कारण दर्ज पिछले सभी मामलों का ब्योरा दे। इसके अलावा पुलिस से पीड़िता की छोटी बहन के उत्पीड़न मामले में गिरफ्तार किए आरोपियों के बारे में भी पूरा विवरण आयोग को प्रदान करने को कहा गया है।

डीसीडब्ल्यू प्रमुख स्वाति मालीवाल ने समन जारी करते हुए कहा, “यह मामला सबसे भयानक मामलों में से एक है। दिल्ली पुलिस को मामले में गहन जांच करनी चाहिए ताकि आरोपियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्यवाई की जा सके। पीड़िता घटना के कारण गहरे सदमे में हैं पर मैं ये बात स्पष्टता से कहती हूं की ये लड़की बेहद बहादुर लोगों में से एक है । डीसीडब्ल्यू उसकी सुरक्षा और पुनर्वास सुनिश्चित करने हेतु निरंतर काम और प्रयास करता रहेगा।

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