आजादी का अमृत महोत्सव: राज्यपाल मा. बंडारू दत्तात्रेय ने दिल्ली में आयोजित विश्व शांति महायज्ञ का किया शुभारंभ

रिपोर्ट :- शुभम कुमार


नई दिल्ली:- आजादी के अमृत महोत्सव के तत्वाधान में वैश्विक शांति और सद्भाव हेतु नमो सद्भावना समिति द्वारा दिल्ली के ‘आद्या कात्यायनी शक्तिपीठ मंदिर’, छतरपुर, में आयोजित विश्व शांति महायज्ञ के पहले दिन हरियाणा के राज्यपाल मा. बंडारू दत्तात्रेय ने यज्ञ वेदी की परिक्रमा और पूजन कर महायज्ञ की शुरुआत की एवं इस यज्ञ को वर्तमान समय की जरुरत बताते हुए विश्व शांति की बात कही।


महायज्ञ के पहले दिन भगवान गणपति की पूजा के साथ यज्ञ की शुरुआत हो गयी है जो 24 अप्रैल तक चलेगा। राष्ट्र एवं विश्व कल्याण के लिए होने वाले इस महायज्ञ में लगभग 500 से भी अधिक वैदिक पुरोहित,अगम पंडित एवं विभिन्न मठाधीशपति संपूर्ण भारत से आये हैं एवं इस महायज्ञ में मंत्रोच्चार के साथ आहुति दे रहे हैं। हजारों की संख्या में लोग इस महायज्ञ में भाग ले रहे हैं एवं विश्व के कल्याण हेतु प्रार्थना कर रहे हैं।


आने वाले तीन दिनों में लोकसभा के स्पीकर ओम बिड़ला, केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र सिंह यादव, केंद्रीय पर्यटन मंत्री जी. किशन रेड्डी एवं आईआईएमसी के महानिदेशक संजय द्विवेदी शामिल होंगें। इस महायज्ञ के आयोजन हेतु गोवा के मुख्यमंत्री डॉ. प्रमोद सांवत, आन्ध्र प्रदेश के राज्यपाल मा. बिश्वभुषण हरिचंद्रन, मध्य प्रदेश के राज्यपाल मा. मंगू भाई पटेल जी ने अपने शुभकामना सन्देश दिए हैं।


नमो सद्भावना समिति द्वारा आयोजित होने वाले विश्वशांति महायज्ञ-2022 के सलाहकार श्रीनिवास गजल ने इस बारे में बताया कि, “इस महायज्ञ में भगवान गणपति, भगवान धनवंतरी, भगवान सूर्यनारायण, भगवान रुद्र तथा शांति माता का आह्वाहन करते हुए सम्पूर्ण जगत में शांति, स्थिरता एवं कल्याण हेतु प्रार्थना हो रही है। सनातन धर्म को लोग जाने एवं विश्व का कल्याण हो यही इस महायज्ञ का उद्देश्य है।


नमो सद्भावना समिति के संचालक श्री प्रवेश पाण्डेय ने बताया की, “दक्षिण भारत और उत्तर भारत के संत, महात्मा शामिल होकर भारतवर्ष एवं विश्व शांति महायज्ञ के माध्यम से जगत के कल्याण हेतु प्रार्थना कर रहे हैं। आप सभी इस यज्ञ में सहभागी अवश्य बनें।


समिति के मुख्य कार्यकारी मुरली कृष्णा और सदस्य श्रीमती कोनेरू रमादेवि श्रीधर, प्रवेश पांडेय, विभाकर मिश्र, संदीप कालिया,राजेश सिंह एवं अन्य कार्यकर्त्तागण यज्ञ की व्यवस्था में जुटे हुए हैं।


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