अब पांच कैंपस वाली यूनिवर्सिटी बन जाएगी अम्बेडकर यूनिवर्सिटी, जल्द मिलेंगे दो नए कैंपस- मनीष सिसोदिया

रिपोर्ट :- नीरज अवस्थी

नई दिल्ली :-“बाबा साहब का नाम भारत में जहां भी लिया जाता है, समानता और सामाजिक न्याय वहां के वातावरण में शामिल हो जाता है। इसलिए अम्बेडकर विश्वविद्यालय से शिक्षा प्राप्त करके निकले हर एक विद्यार्थी की यह जिम्मेदारी बनती है कि वो यहां से प्राप्त अपने ज्ञान और कौशल का इस्तेमाल समाज में समानता और सामाजिक न्याय लाने के लिए भी करे और दुनिया भर में सामाजिक न्याय और समानता के ब्रांड एम्बेसडर बने।’’ दिल्ली के उपमुख्यमंत्री एवं शिक्षा मंत्री मनीष सिसोदिया ने मंगलवार को अम्बेडकर विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए यह बातें कहीं।

उपमुख्यमंत्री श्री मनीष सिसोदिया ने कहा कि इस विश्वविद्यालय के विद्यार्थी जब भी अपने सर्टिफिकेट पर बाबा साहब का नाम पढ़ें, तो गर्व महसूस करें। डिप्टी सीएम श्री मनीष सिसोदिया ने विद्यार्थियों से आह्वान करते हुए कहा कि वे केजरीवाल सरकार द्वारा शुरू किए गए ‘देश के मेंटर’ प्रोग्राम में शामिल होकर दिल्ली के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों की मेंटरिंग और गाइडेंस करें। अम्बेडकर यूनिवर्सिटी में शिक्षा की क्वालिटी निखरने के साथ-साथ क्वांटिटी भी बढ़ी है और हर साल यहां से हजारों की संख्या में विद्यार्थी अपनी डिग्री पूरी कर रहे हैं। इसलिए जल्द ही विश्वविद्यालय में दो नए कैंपस जोड़े जाएंगे, ताकि और भी बच्चे दाखिला ले सकें।

सामाजिक न्याय और समानता के ब्रांड एम्बेसडर बन बाबा साहब के संदेश को दुनिया भर में ले जाएं अम्बेडकर विश्वविद्यालय के विद्यार्थी – मनीष सिसोदिया

उपमुख्यमंत्री श्री मनीष सिसोदिया ने दीक्षांत समारोह में विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि बाबा साहब का नाम भारत में जहां भी लिया जाता है, वहां के वातावरण में समानता और सामाजिक न्याय शामिल हो जाता है। इसलिए अम्बेडकर विश्वविद्यालय से शिक्षा प्राप्त करके निकले हर एक विद्यार्थी की यह जिम्मेदारी बनती है कि वो यहां से प्राप्त अपने ज्ञान और कौशल का इस्तेमाल समाज में समानता और सामाजिक न्याय लाने के लिए भी करे और दुनियाभर में सामाजिक न्याय और समानता के ब्रांड-एम्बेसडर बनें। जब भी आप अपने सर्टिफिकेट पर बाबा साहब का नाम पढ़ें, तो गर्व महसूस करें और उनके संदेश को जन-जन तक पहुंचाने का काम करें।

अंबेडकर विश्वविद्यालय के छात्र ‘देश के मेंटर’ कार्यक्रम में शामिल होकर दिल्ली के सरकारी स्कूल के बच्चों की करें मदद- मनीष सिसोदिया

उपमुख्यमंत्री श्री मनीष सिसोदिया ने कहा कि केजरीवाल सरकार ने दिल्ली और देश के युवाओं के साथ मिलकर ‘देश के मेंटर’ कार्यक्रम की शुरुआत की है। जहां युवा अपना थोड़ा समय निकाल कर सरकारी स्कूलों में 11वीं व 12वीं क्लास में पढ़ने वाले बच्चों को उनके एजुकेशन और करियर आदि को लेकर गाइडेंस देने और हैण्ड-होल्डिंग करने का काम करते हैं। इस प्रोग्राम से अब तक लगभग 32 हजार युवा मेंटर के रूप में बच्चों की मेंटरिंग कर रहे हैं। ‘देश के मेंटर’ कार्यक्रम का उद्देश्य बताते हुए उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा कि दिल्ली के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है। उन्हें केवल एक ऐसे बड़े भाई-बहन की जरुरत है, जो जिन्दगी में आगे बढ़ने, उच्च शिक्षा या करियर को चुनने में उन्हें गाइड कर उनकी मदद कर सकें। यहां हमारे कॉलेजों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों की भूमिका अहम हो जाती है कि वे अपने अनुभव का इस्तेमाल करते हुए ‘देश के मेंटर’ प्रोग्राम में शामिल हों और इन बच्चों की मदद करें।

हमने शिक्षा की क्वालिटी के साथ क्वांटिटी बढ़ाने पर भी काम किया, हर साल हजारों की संख्या में डिग्री प्राप्त कर रहे बच्चे- मनीष सिसोदिया

डिप्टी सीएम श्री मनीष सिसोदिया ने कहा कि अम्बेडकर विश्वविद्यालय ने मल्टी-डाइमेंशनल तरीके से प्रगति की है और एक क्वालिटी एजुकेशन यूनिवर्सिटी के रूप में जानी जाती है। यहां न सिर्फ शिक्षा की क्वालिटी को बेहतर करने पर काम किया गया है, बल्कि क्वांटिटी बढ़ाने का भी काम किया गया है। उन्होंने बताया कि हैप्पीनेस करिकुलम के एक साल पूरे होने पर तत्कालीन चीफ जस्टिस ने बोला कि हैप्पीनेस करिकुलम को अदालतों में बैठे जजों को भी सिखाने की जरुरत है, तब अम्बेडकर यूनिवर्सिटी ने अपने यहां हैप्पीनेस सेल की शुरुआत कर प्रोफेशनल्स को हैप्पीनेस और माइंडफुलनेस सिखाया।

अम्बेडकर यूनिवर्सिटी को जल्द मिलेंगे दो और कैंपस

अम्बेडकर यूनिवर्सिटी का चौथा कैंपस धीरपुर में 49 एकड़ में तैयार हो रहा है। यहां 5,000 नए विद्यार्थी एडमिशन ले पाएंगे। इस कैंपस में कुल 270 फैकल्टी मेंबर और 273 स्टाफ मेंबर के साथ 7 स्कूल और 9 सेंटर होंगे। साथ ही, रोहिणी में विश्वविद्यालय का पांचवा कैंपस तैयार किया जा रहा है, जहां विभिन्न कोर्सज में 3,475 सीटें होंगी। दोनों कैंपस का डिज़ाइन विश्व स्तरीय होगा और यहां एनवायर्नमेंटल सस्टेनेबलिटी का भी खास ध्यान रखा जाएगा। उर्जा के मामले में दोनों कैंपस आत्मनिर्भर होंगे और ग्रीन-एनर्जी का इस्तेमाल करेंगे।

उल्लेखनीय है कि दीक्षांत समारोह में 438 ग्रेजुएट, 558 पोस्ट ग्रेजुएट, 29 एम.फिल., 12 पोस्ट ग्रेजुएट और 5 पीएचडी विद्यार्थियों को उनकी डिग्री दी गई। इनमें 657 छात्राएं शामिल हैं।

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