65 साल की हुई उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्य मंत्री मायावती

रिपोर्ट :- दौलत शर्मा

उत्तर प्रदेश :-65 साल की हुई उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्य मंत्री मायावती वह 1995 में और फिर 1997 में, फिर 2002 से 2003 तक और 2007 से 2012 तक मुख्यमंत्री का पद भार संभाला । मायावती को उनके समर्थक ” बहन जी ” कह कर बुलाते है । मायावती “बी एस पी” बहुजन समाज पार्टी की मुख्या है।मायावती 1995 में उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री बनीं। वह भारत में पहली महिला अनुसूचित जाति की मुख्यमंत्री थीं।

मायावती ने अपनी बी.ए. 1975 में कालिंदी कॉलेज, दिल्ली विश्वविद्यालय और बाद में दिल्ली विश्वविद्यालय से एलएलबी प्राप्त किया। उन्होंने बी.एड. 1976 में मेरठ विश्वविद्यालय के VMLG कॉलेज, गाजियाबाद से किया वह इंद्रपुरी जेजे कॉलोनी, दिल्ली में एक शिक्षिका के रूप में काम कर रही थीं, और भारतीय प्रशासनिक सेवा परीक्षा के लिए अध्ययन कर रही थीं, जब अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ी जातियों के राजनीतिज्ञ कांशी राम ने 1977 में उनके परिवार के घर का दौरा किया और मायावती से कहा “मैं आपको एक दिन इतना बड़ा नेता बना सकता हूं कि आपके आदेशों के लिए एक नहीं बल्कि IAS अधिकारियों की एक पूरी कतार लगेगी। सब आपके सामने फाइल लेकर खड़े होंगे आपका हर आदेश मानेंगे और हुआ भी कुछ ऐसा ही । मायावती को दिल्ली विश्वविद्यालय से LL.B से सम्मानित किया गया। कांशी राम ने उन्हें अपनी टीम के सदस्य के रूप में शामिल किया जब उन्होंने 1984 में बहुजन समाज पार्टी की स्थापना की। मायावती पहली बार 1989 में संसद के लिए चुनी गईं और उसके बाद से राजनीतिक सफलता का दौर कुछ ऐसा चला की 1995 मे पहली बार व फिर 1997 व 2002 और 2007 से 2012 तक उत्तर प्रदेश की मुख्य मंत्री रहीं।

जब वे 1995 मे पहली बार मुख्यमंत्री बनी तो उनका कार्यकाल सिर्फ 2 साल तक ही चल पाया उसके बाद 2,000 2003 के बीच फिर दोबारा वह 2 साल तक की शासन कर पाई और बीच में ही उन्हें इस्तीफा देना पड़ गया। अगले चुनाव में 2007 में हुए चुनावों में उनकी सरकार के द्वारा सत्ता में आई और इस बार उनका शासन पूरे 5 साल चला चुनाव के दौरान उनकी मुख्य अतिथि समाज के पिछड़े वर्ग को बढ़ावा देना वह कई अन्य जाती मुद्दों पर ही वह चुनाव लड़ती थी।

चुनावी सफलता के साथ साथ कई बार में है कई बार विवादो मे भी रही उन्होंने अपने शासन काल के दौरान कांशी राम पार्क बनवाया जिसमे उन्होंने कांशी राम और अपनी बड़ी – बड़ी मूर्तियां बनवाई जिसमें उन्होंने करोड़ो का खर्चा क्या जिसके बाद उनकी बड़ी आलोचना हुई । और राजनीतिक गालियारो मे उनका नाम विवादो मे आया।

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