स्वदेशी सामान की बाजारों में शुरू हुई बिक्री

रिपोर्ट :- प्रियंका झा

नई दिल्ली :-स्वदेशी सामानों की बिक्री बाज़ारो में होने लगी आपको बता दें कि बाजारों में स्वदेशी सामानों की सुंदरता के वजह से लोग ज्यादा आकर्षित हो रहे हैं वही अब बाजारों में भी चीन के सामान बॉयकट होना शुरू हो गया है।

भारत-चीन बॉर्डर पर हुई हिंसक झड़प और दुनिया में कोरोना वायरस को फैलाने का खामियाजा चीन को आने वाले दिनों तक भुगतना पड़ेगा। दरअसल, लोगों के जहन में अब तक चीन को लेकर रोष व्याप्त है, जिसके चलते वह चीनी उत्पादों का पूरी तरह से बहिष्कार कर रहे हैं। ऐसे में आने वाले दिवाली समेत अन्य त्योहार पर लोग अधिक से अधिक स्वदेशी वस्तुओं को अपना हथियार बनाकर चीन को सबक सिखाने की तैयारी में हैं। दिवाली पर घरों को रोशन करने के लिए लोग अभी से दीया खरीदने की तैयारी में जुट गए हैं, जिसके चलते दुकानदारों के पास बड़ी संख्या में मांग आने लगी है। बाजार में इस बार करीब 150 प्रकार के रंग-बिरंगे दीये आएं हैं।

दीया दुकानदारों ने बताया कि लोगों की पिछले 10 दिनों से लगातार दीयों व मिट्टी के सामान को लेकर मांग आने लगी है, जिसके चलते वह भी अपने कामगारों को दीये बनवाने का बड़ी संख्या में ऑर्डर देने लगे हैं। इस बार 150 प्रकार के रंगे बिरंगे दिये बाजार में देखने मिलेंगे, जिनमें ओम, तुलसी, छाज, पान पत्ता, स्वास्तिक, लक्ष्मी गणेश, श्री, शंख, लक्ष्मी गणेश समेत अन्य दिये शामिल हैं।

उन्होंने कहा कि इन दियों की कीमत पांच रुपये से लेकर 30 रुपये तक की है, जिनमें छोटे और बड़े दोनों प्रकार के दिये शामिल हैं। वहीं, केवल मिट्टी के 200 से अधिक प्रकार के दिये बाजार में मिलेंगे। बिना रंग वाले दियों की कीमत एक रुपये से लेकर आठ रुपये तक की है।

स्वेदशी सामान से होगी दिवाली इस बार


बाजार में दीये खरीदने के लिए पहुंचे लोगों ने बताया कि यह दिवाली हमारी स्वदेशी सामानों से बनेगी हर साल घर के बाहर लगने वाली चाइनीच लाइट भी इस बार प्रयोग नहीं की जाएगी। उसके स्थान पर दीयों से घर को सजाकर रोशन किया जाएगा। वहीं, मिट्टी के बर्तन खरीदने वाली सल्तनत खान ने बताया कि चीन की घिनौनी हरकत के चलते कोई भी व्यक्ति नहीं चाहेगा कि उनके देश में बना सामान प्रयोग किया जाए। हर व्यक्ति अपने देश की माटी से घर को सजाना चाहता है। उन्होंने कहा कि वह मिट्टी बर्तन व मूर्तियों के प्रयोग से घर को सजाने के लिए बाजार आई हैं।

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