बांकेबिहारी मंदिर में शरद उत्सव का उल्लास, ठाकुरजी के दर्शन होंगे खास

रिपोर्ट :- प्रियंका झा

उत्तर प्रदेश :-शरद पूर्णिमा पर वृंदावन के बांकेबिहारी मंदिर में ठाकुरजी विशेष पोशाक और शृंगार धारण कर भक्तों को दर्शन देंगे। इस विशेष पोशाक शृंगार को दिल्ली और जयपुर के कारीगरों ने तैयार किया है। सोने-चांदी के आभूषण ठाकुरजी के शृंगार का हिस्सा होंगे। मंदिर प्रबंधन ने इसकी पूरी तैयारी कर ली है। शरद उत्सव पर मंदिर के पट आम दिनों से एक घंटे अधिक समय तक खुले रहेंगे।

शुक्रवार को शरद पूर्णिमा है। यह दिन श्रीबांकेबिहारी के लिए खास है। श्रीबांकेबिहारी मंदिर के सेवा अधिकारी प्रदीप गोस्वामी एवं अरविंद गोस्वामी, मुन्ना श्याम गोस्वामी ने बताया कि वर्ष में सर्फ एक दिन ही ठाकुरजी बंशी, मोर-मुकुट, कट-कछनी, पोशाक, हार लकुटी धारण कर भक्तों को दर्शन देते हैं।

उन्होंने बताया कि शरद पूर्णिमा के ठाकुरजी का विशेष शृंगार संपूर्ण रूप से सोने चांदी का जयपुर में कारीगरों द्वारा तैयार किया गया है। जबकि ठाकुर जी की सफेद पोशाक दिल्ली के चांदनी चौक में विशेष कारीगरों द्वारा तैयार कराई गई है। पोशाक और शृंगार धारण कर ठाकुर बांकेबिहारी जगमोहन में विराजमान होकर भक्तों को दर्शन देंगे।

आचार्य अतुल कृष्ण गोस्वामी ने बताया कि श्रीमद्भागवत में वर्णन के अनुसार शरद पूर्णिमा वाले दिन ही भगवान श्रीकृष्ण ने यमुना किनारे गोपियों के साथ वृंदावन में बंसीवट पर महारास किया था। इसीलिए शरद पूर्णिमा वाले दिन श्रीबांकेबिहारी जी को शृंगार में मोर मुकुट कछनी बंसी धारण कराई जाती है।

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