छठ महापर्व को लेकर असमंजस में समितियां, आयोजकों को गाइडलाइन का इंतजार

रिपोर्ट :- प्रियंका झा

नई दिल्ली :-छठ पूजा की तैयारियों को लेकर आयोजन समितियां असमंजस में हैं। सरकार की ओर से अब तक पूजा के आयोजन को लेकर कोई बात नहीं हो रही है। ऐसे में समितियों को इस बात का डर सता रहा है कि यदि दुर्गा पूजा की तरह हफ्ते भर पहले सरकार छठ के आयोजन के लिए भी सरकार गाइडलाइन जारी करेगी तो इतने कम समय में वह पूजा की तैयारियां कैसे कर पाएंगे।

जनहित पूर्वांचल सोसाइटी के महासचिव विनीत कुमार ने बताया कि छठ की तैयारियां महीनों पहले शुरू हो जाती हैं। घाटों को तैयार कराने का काम, टेंट की बुकिंग, साजो सामान इकट्ठा करने में समय लगता है। इस बार कोरोना के कारण सरकार छठ के आयोजन के लिए आगे नहीं आ रही है। उन्होंने जनप्रतिनिधियों, विधायकों के माध्यम से सरकार तक बात पहुंचाने की कोशिश की है। उन्हें सरकार की ओर से जवाब आने का इंतजार है।

वजीराबाद में 22 साल से बिहार मित्र संगठन के नाम से छठ पूजा का आयोजन कराने वाले ने कहा कि यदि बिहार में चुनावी रैली हो सकती है तो दिल्ली में आस्था के महापर्व छठ का आयोजन भी किया जा सकता है। उन्होंने दिल्ली सरकार के प्रतिनिधि दुर्गेश पाठक से इस सिलसिले में बातचीत की है। उन्होंने कहा कि छठ पर्व में केवल 23 दिन का समय बचा है। सरकार के बिना छठ पर्व का आयोजन करना संभव नहीं है।

केवल वजीराबाद में 5 संगठन छठ पूजा का आयोजन कराते हैं। पिछले साल दिल्ली सरकार ने राजधानी में लगभग 1000 छठ घाट बनवाए थे। ऐसे में छठ समितियों के लिए इतने छठ घाट बनवाना संभव नहीं होगा। बादली में बिहार जन जागरण छठ समिति के आयोजक आस्था के इस महापर्व के लिए सरकार को व्यवस्था करनी पड़ेगी।

एनओसी लेने में लगता है समय
छठ पूजा के आयोजन से पहले जिलाधिकारी, डीडीएमए, डीडीए, एमसीडी, सुरक्षा के लिए दिल्ली पुलिस व बिजली विभाग से अनुमति लेनी पड़ती है।

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