चुनाव में क्या इस बार भागलपुर में बीजेपी चमकेगी

रिपोर्ट:- प्रियंका झा

बिहार:- भागलपुर प्रमंडल में बीजेपी के पास खोने के लिए कुछ नहीं है जबकि आरजेडी और कांग्रेस के लिए अपनी सीटों को बचाए रखने की बड़ी चुनौती है भागलपुर प्रमंडल में दो जिले की 12 विधानसभा सीटें आती हैं इनमें भागलपुर की सात सीटें है तो बांका जिले की पांच सीटें है 2015 के विधानसभा चुनाव में नीतीश कुमार और लालू यादव ने मिलकर बीजेपी का सफाया कर दिया था।

बिहार के भागलपुर प्रमंडल में दो जिले की 12 विधानसभा सीटें आती हैं इनमें भागलपुर की सात सीटें है तो बांका जिले की पांच सीटें है 2015 के विधानसभा चुनाव में नीतीश कुमार और लालू यादव ने मिलकर बीजेपी का सफाया कर दिया था यहां 12 विधानसभा सीटों में से 5 सीटें जेडीयू ने जीती थी जबकि 4 सीटें आरजेडी को मिली थी वहीं, दो सीटें कांग्रेस को मिली थी और महज एक सीट बीजेपी के खाते में गई थी मौजूदा बदले हुए समीकरण को देखा जाए तो महागठबंधन और एनडीए यहां पर बराबर की स्थिति में खड़े नजर आ रहे हैं।

भागलपुर: बीजेपी का खाता नहीं खुला था
भागलपुर जिले में सात विधानसभा सीटें आती हैं, जिनमें सुल्तानगंज, नाथनगर, गोपालपुर, बिहपुर, पीरपैंती भागलपुर और कहलगांव विधानसभा सीटें शामिल हैं 2015 के विधानसभा चुनाव में जेडीयू ने सुल्तानगंज, नाथनगर और गोपालपुर सीट पर जीत हासिल की थी वहीं, कांग्रेस ने बिहपुर और पीरपैंती जीती थी जबकि आरजेडी ने भागलपुर और कहलगांव पर जीत का परचम फहराया था बीजेपी भागलपुर जिले की सात में से एक भी सीट जीत नहीं सकी थी।

बता दें कि इस बार समीकरण बदल गया है नीतीश कुमार एक बार फिर एनडीए का नेतृत्व कर रहे हैं हालांकि, अभी एनडीए में कौन सी सीट किस पार्टी को जाएगी यह तय नहीं है ऐसे में माना जा रहा है कि 2010 के फॉर्मूले के तहत यहां जेडीयू और बीजेपी के बीच सीट बंटवारा हो वहीं, महागठबंधन में भी लेकर खींचतान जारी है।

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