कोरोना काल में खुद को कैसे रखे फिट, जाने यहां

रिपोर्ट:- कशिश

नई दिल्ली:-कोरोना महामारी जहां पूरे देश में लगातार बढ़ते जा रहे हैं। वहीं लोगों के शरीर में काफी अंतर आ चुका है क्योंकि हम तो उनमे लोगों ने बहुत खाना खाया है। जिसके वजह से उनका से काफी डगमगा गया है लेकिन अनलॉक होने के बाद में वापस अपने ढांचे में नहीं आ पा रहे है।

इसलिए आप सभी लोगों को ऐसी चीजें खाने चाहिए जो शरीर को तंदुरुस्त रखे ना कि और कमजोर करती जाए जैसे कि आप अभी बाहर नहीं जा रहे तो आपको विटामिन डी नहीं मिल रहा है इसलिए सुबह एक गिलास दूध लेने में जरा भी आनाकानी न करें। अगर सादा दूध ले सकें तो ठीक नहीं तो प्रोटीन पाउडर डालकर भी ले सकते हैं। डाइटिशियन पायल शर्मा बताती हैं कि अगर दूध नहीं पी पाते तो अपनी डाइट में दही जरूर शामिल करें।

सुबह अंडे ले सकते हैं। दो उबले अंडे या इनका एग व्‍हाइट ही लें। एग सैंडविच में आटे की ब्रेड का इस्‍तेमाल करें। आपको अपनी ग्रोथ के लिए विटामिन डी और कैल्शियम जरूरी है। विटामिन ए की कमी से भी आने वाले समय में मुश्किलें पैदा हो सकती हैं। आप कमजोरी महसूस करेंगे। इसलिए अभी से सावधानी बरतें। हरे और नारंगी रंग के फल और सब्जियों में विटामिन ए होता है। गाजर जरूर खाएं।

अगर आपने अपने हेल्‍दी खाने को खुद नियमित नहीं किया और जंक फूड की गिरफ्त से नहीं निकल पाए तो आपको ओवरवेट यानी मोटापे की समस्या हो सकती है। ऐसा होने पर शुरू हो जाएगा दौर बीमारियों का।

हाल ही में मैक्सिको में बच्चों में मोटापे की बढ़ती समस्या को देखते हुए जंक फूड पर बैन लगा दिया गया। वहां जंक फूड विरोधी कानून के तहत बच्चों को चिप्स, कैंडी, सोडा और अन्य पेय बेचने को सिगरेट व शराब बेचने जैसा अपराध माना गया है। क्‍योंकि वहां 73 फीसद से अधिक बच्चों को ओवरवेट माना गया है, जिनमें 34 फीसद गंभीर मोटापे के शिकार हैं। यह समस्या सिर्फ मैक्सिको की नहीं, दुनिया के अन्य देशों जैसे भारत की भी है और कोरोना काल में तो शारीरिक श्रम या व्यायाम न के बराबर होने से मोटापे की समस्या बढ़ गई है।

ऐसी स्थिति में मोटापे से बचने के लिए जहां तक संभव हो जंक फूड से दूर रहा जाना चाहिए। डॉ. लतिका कहती हैं कि हम किशोर बच्चों को यह बताना चाहते हैं कि आप जो भी खा रहे हैं उसका न्यूट्रीशन इंडेक्स देखो। अगर हम किशोरों को खाने का तरीका और अच्छे खाने का महत्व बताएं तो हो सकता है कि उन्‍हें महसूस हो जाए कि वे क्या खा रहे हैं? मोटापा खत्म करने के लिए उन्‍हें सतर्क रहना होगा। जो अभी ओवरवेट की तरफ जा रहे हैं, वे स्‍वस्‍थ जीवनशैली से सामान्य वजन की ओर आसानी से आ सकते हैं।

ऐसे फल न खाएं तो मिक्‍स फ्रूट चाट खा लें। कई बार बच्‍चे कुछ खाते नहीं है, सिर्फ जूस पी लेते हैं। वह भी नुकसानदायक है। उससे फाइबर नहीं मिलता और शरीर में शुगर ज्‍यादा जाती है। बच्‍चों को आयरन, विटामिन डी और कैल्सियम की जरूरत बहुत ज्‍यादा होती है। दूध, दही, पनीर भी खाने में शामिल करें। स्‍प्राउट्स ले सकते हैं। स्‍टीम फूड बच्‍चों के लिए बहुत बेहतर है। इसमें इडली या नॉनस्टिक पर बना डोसा लिया जा सकता है। अगर नॉनवेज हैं तो चिकन को ग्रेवी के साथ न लेकर बेक या ग्रिल करके लें। उसे डीप फ्राई न करें। चिकन और फिश लेना स्‍वास्‍थ्‍यवर्द्धक है।

रेड मीट में फैट बहुत होता है। पास्ता खाना चाहते हैं तो आटे का पास्‍ता लेकर उसमें चिकन के टुकड़े डाले जा सकते हैं। यह स्‍वाद से भरपूर होगा और सेहतमंद भी होगा। अगर स्‍प्राउट्स ऐसे नहीं खाने हैं तो उन्‍हें सैंडविच में खा सकते हैं। उनके पराठे बनाए जा सकते हैं।

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