एक ऐसा नेता जो क्षेत्र की जनता की हर उम्मीदों पे खरा उतरने का करते हैं प्रयास

रिपोर्ट :- स्पर्धा निगम

नई दिल्ली :-भ्र्ष्टाचार मतलब वह आचरण जो किसि भी प्रकार से अनुचित हो ।आज हमारे देश मे भ्र्ष्टाचार बहुत तेजी से आसमान छू रहा है। साथ हि लोग अपना स्वार्थ पूरा करने के लिए अलग अलग प्रकार से भ्र्स्टाचारी बन रहे है जैसे कि घूस यानी रिश्वत लेना, चुनाव में धांधली, ब्लैकमेल करना, टैक्स चोरी, झूठी गवाही देना, झूठा मुकदमा करना, परीक्षा में नकल करवाना, परीक्षार्थी का गलत मूल्यांकन, हफ्ता वसूली, जबरन चंदा लेना, न्यायाधीशों द्वारा पक्षपातपूर्ण निर्णय, पैसे लेकर वोट देना, वोट के लिए पैसा और शराब आदि बांटना, पैसे लेकर रिपोर्ट छापना, अपने कार्यों को करवाने के लिए नकद राशि देना यह सब भ्रष्टाचार के ही अलग अलग उदहारण है। 


लेकिन भ्र्ष्टाचारियों से भारी इस दुनिया मे कुछ लोग ऐसे भी है जो निस्वार्थ भाव से ना केवल मानवता कि बात करते है बल्कि मानवता का जीता – जागता स्वारूप है।जैसे अगर हम बात करें बी. जे. पी पार्षद मनोज मेहलावत कि तो उन्होंने इस कोरोना काल में जब इंसान के लिए अपना स्वम का घर चलाना मुश्किल था उस समय भी इन्होने ना जाने कैसे सभी विभागों के योद्धाओ के साथ खड़े होकर काम करते रहे, उनके स्वास्थ्य की चिंता करते हुए सुरक्षा के लिए उनको मास्क, फेस शिल्ड, दस्ताने, हैंड सैनिटाइजर की बोतलें, चवनप्राश , विटामिन C टैबलेट, पीपीई किट आदि स्वयं ख़रीदकर सभी योद्धाओं को प्रदान करके मदद की और इन्सानियत दिखाई । केवल यही नहीं और भी बड़े बड़े काम जैसे कि घर घर राशन पानी बाटना लोगों को कोविद जैसी बीमारी के लिए जागरूक करलिए और भू जल स्तर को ऊपर उठाने के लिए वसंत कुंज के मंसूरपुर गांव के पार्क मे पट चुके पुराने जोहड़ को खोदकर उसकी सफाई भी करवाई। पहले पानी सड़क पर भार जाता था नालो मे जाकर भी बर्बाद होता था लेकिन अब यह पानी जोहड़ मे एकत्र होकर भूमि को रीचार्ज कर रहा है। साथ हि पशुओ के लिए भी काम आदि किया।


तो हम कह सकते है कि अगर भ्र्ष्टाचार है और भ्र्स्टाचारी है तो ऐसे लोग भी है जो निस्वार्थ भाव से मदद करने कि कृपा करते है और ऐसे लोगों का हमें सम्मान करना चाहिए।

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