इस आम को खरीदने के लिए लगाई जाती है बोली एल,जानिए कौन-सा आम है?

रिपोर्ट :- शिल्पा

नई दिल्ली : गर्मी का मौसम भले ही लोगों को परेशान करने वाला होता है क्योंकि गर्मी के मौसम में लोगों को कई परेशानियों का सामना करना पड़ता है लेकिन फिर भी लोगों को इस मौसम का बेसब्री से इंतजार रहता है। उसके पीछे वजह है गर्मियों में मिलने वाले फल। आम एक ऐसा फल है जो सभी लोगों को बेहद पसंद होता है और गर्मी के समय में ही आम मिलते हैं।

शायद ही कोई ऐसा होगा जिसे गर्मियों में आम खाना पसंद नहीं होगा। भारत में आम को फलों का राजा कहा जाता है और यह फल सबसे लोकप्रिय हैं। अपने अद्भुत खुशबू और स्वाद की वजह से ही आम में पाई जाने वाली बेहिसाब खुबिया इसे फलों का राजा बनाती है। दुनिया भर में इसकी हजार से भी ज्यादा किस्म है, आप कई तरह के हैं और सारे आम के अलग-अलग नाम भी है। नाम के साथ साथ सारे आम के स्वाद भी अलग और अद्भुत है आज हम आपको बताते हैं कि दुनिया में सबसे महंगा आम का दर्जा किसे मिला है, दुनिया के सबसे महंगे आम का दर्जा जापानी आम के एक किस्म हो मिला हुआ है। “ताईयो नो तामागो” नाम का ये आम मियाजारी प्रांत में पैदा होता है। इस आम का वजन लगभग 350 ग्राम होता है।

ताइयो नो तामागो आम को खास तरीके से तैयार किया जाता है। इसके तहत पेड़ पर आम आते ही एक आम को जालीदार चीज से बांध दिया जाता है। इसके बाद फल फक्कर जाली में ही गिरकर लटकता है, फिर आम को निकाला और बेचा जाता है। पेड़ पर लगे आम को किसान नहीं तोड़ते किसान का मानना है की इससे फल का स्वाद और पौष्टिकता खत्म हो जाती है। यह फल मार्केट में फलों की दुकानों पर नहीं मिलता बल्कि इसकी बोली लगाई जाती है।

नीलामी में सबसे ज्यादा कीमती देने वाले के हाथ यह फल लगता है जैसे 2017 में 2 आमों की कीमत लगभग 2 लाख 72 हजार रुपए थी ताइयो नो तामागो आम का जापानी कल्चर में भी खूब मान्यता मिली है। इस आम को एग ऑफ द सन कहते हैं क्योंकि यह आम सूरज की रोशनी में तैयार होता है और इनका आकार एक बड़े से अंडे की तरह होता है। साथ ही लोग इसे तोहफे में भी देते हैं क्योंकि माना जाता है कि इससे तोहफा पाने वाले की किस्मत सूरत जैसी रोशन हो जाती है। यही कारण है कि जापान में इस आम को त्योहार या किसी खास मौके पर ही दिया जाता है। लेकिन लेने वाला इस आम को खाता नहीं है बल्कि किसी तरीके से सजा कर रख देते हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

14 − three =