अभिभावक संघ ने निजी स्कूलों की मनमानी पर राष्ट्रीय बाल संरक्षण आयोग से की शिकायत


रिपोर्ट :- चंद्रशेखर

झारखंड :-बोकारो झारखंड अभिभावक संघ बोकारो जिला द्वारा निजी स्कूलों में फीस न जमा होने से रिजल्ट नही देने की शिकायत राष्ट्रीय बाल संरक्षण आयोग से की। संघ के जिलाध्यक्ष महेन्द्र राय ने विज्ञप्ति जारी कर कहा कि झारखंड राज्य के सभी जिलों में निजी स्कूलों के मनमानी के खिलाफ धरना प्रदर्शन कर झारखंड सरकार पर दवाब बनाई।

झारखंड सरकार में शिक्षा मंत्री की अध्यक्षता में बैठक हुई जिसमे झारखंड अभिभावक संघ के प्रदेश अध्यक्ष अजय राय मौजूद थे। संघ के दवाब पर झारखंड सरकार ने 9 जून 20 को निजी स्कूलों के मनमानी से रोकने के लिए 9 बिंदु की आदेश जारी की।जिसमें कहा गया था कि कोई भी निजी स्कूल फीस न जमा होने से किसी भी बच्चों का न तो ऑनलाइन क्लास से वंचित कर सकता ,न ही नाम काट सकता,न ही रिजल्ट देने से रोक सकता। साथ ही साथ कुछ दिन पूर्व बोकारो जिला उपायुक्त ने सभी निजी स्कूलों को आदेश जारी की थी कि कोई भी स्कूल इस सत्र के बुक में कोई भी बदलावनही करेंगे, पूर्व में 2020-21 सत्र की किताबें ही चले ताकि अभिभावकों को राहत मिले परंतु निजी स्कूलों द्वारा बुक में बदलाव किया जा रहा।

जिला प्रशासन का कोई भय नहीं। संत सर्विस स्कूल द्वारा नये सत्र में करीब 1000 रुपये की बढ़ोतरी की गई। मगर यह दुर्भाग्य है कि बोकारो वं अन्य जिलो के निजी स्कूल सरकार के आदेश की धज्जियां उड़ा रही है। विगत 20 दिनों से सभी निजी स्कूल रिजल्ट देने के नाम पर स्कूल बुलाकर अभिभावकों को मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है साथ ही साथ रिजल्ट नही दिया गया जिनका फीस बकाया था। विगत कुछ दिन पूर्व संत सर्विस ,डीएवी स्कूल व एमजीएम स्कूल वं जिला प्रशासन का रवैया जिस प्रकार रहा उसकी शिकायत राष्टीय बाल संरक्षण आयोग से करनी पडी।

आयोग ने राज्य के शिक्षा सचिव को पत्र लिखकर उचित करवाई करने की आदेश दी। आखिर जिला प्रशासन व सरकार मौन क्यों हैं। क्यों सख्ती बरत नही रही? अभिभावकों का विश्वास खो चूंका है जिला प्रशासन क्रियाकलापों से झारखंड अभिभावक संघ बोकारो जिला उपायुक्त से माँग करती हैं कि राष्टीय बाल संरक्षण आयोग के पत्र पर उचित करवाई करें साथ ही साथ जिला प्रशासन उक्त स्कूलों की एनओसी रद्द करने के साथ एकाउंट फ़्रिज करें। जो भी आदेश जिला प्रशासन अभिभावकों को राहत के आदेश निकालती उसे सख्ती से पालन करवाये।

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